रतलाम । न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 27.07.2023 को अभियुक्त घनश्याम पिता रमेश डामर उम्र21 साल नि. तीलगारा, बदनावर जिला धार म.प्र.को धारा 5एल/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000रू. अर्थदण्ड तथा भादसं. की धारा 366 में 05 वर्ष कठोर करावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि दिनांक 07.10.2020 को फरियादी अभियोक्त्री (उम्र 16 वर्ष) के पिता ने थाना बिलपांक रतलाम पर उपस्थित होकर बताया कि दिनांक 06.10.2020 को मैं व मेरी पत्नी व लडकी/अभियोक्त्री व तीनों बच्चे रात करीब 10 बजे खाना खा कर सो गये थे। मैं व मेरी पत्नी घर के बाहर सोये थे तथा मेरी लडकी/अभियोक्त्री व तीनों बच्चे घर के अंदर सोये थे । रात्री करीब 1ः30 बजे मैं पानी पीने घर के अंदर गया तो मेरी लडकी/अभियोक्त्री उसके बिस्तर पर नहीं दिखी तो मैंने मेरी पत्नी को उठाया और उसको बोला कि अभियोक्त्री नहीं दिख रही है। फिर हम लोगों ने उसकी तलाश घर व आसपास गांव में की किन्तु वह कहीं नहीं दिखी। फिर हमने अभियोक्त्री की तलाश आसपास रिश्तेदारी में करते कोई पता नहीं चला। मुझे शंका है कि मेरी नाबालिक लडकी को घनश्याम पिता रमेशजी डामर निवासी तिलगारा का बहला फुसलाकर भगा ले गया है, क्योंकि आरोपी घनश्याम की बहन की शादी मेरे गांव में हुई है और घनश्याम उसके पास आता जाता रहता है। मैं अपने पिता व पत्नी तथा अपनी नाबालिक लडकी/अभियोक्त्री की कक्षा 2री की अंकसूची साथ लेकर आया हूं जिसमें अभियोक्त्री की जन्मदिनांक 20.02.2004 लिखी है को साथ लेकर थाना रिपोर्ट करने आया हूं। रिपोर्ट करता हूं। कार्यवाही की जावे।
फरियादी की उक्त सूचना पर से थाना बिलपांक जिला रतलाम द्वारा अभियोक्त्री के गुुम क्र. 71/2020 होने की गुम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। जांच के उपरांत अपराध क्रमांक 478/2020 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट भा.द.सं. की धारा 363 के अंतर्गत घनश्याम के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दिनांक 04.11.2020 को गांव सिमलावदा पुलिया के पास से आरोपी घनश्याम के कब्जे से पीडिता को पंचान के समक्ष दस्तयाब किया गया। थाना बिलपांक पर उपस्थित होकर अभियोक्त्री ने अपने कथन में बताया कि आरोपी घनश्याम की बहन की शादी मेरे गांव में हुई है। आरोपी अपनी बहन के घर गांव आता रहता था इसलिये मेरी उससे जान पहचान हो गयी थी। वह मुझे पसंद करता था तथा मैं भी आरोपी को पसंद करने लगी थी। उसने मुझसे कहा था कि मैं तुमसे शादी करूंगा तो मैं उसकी बातों में आ गयी थी। आज करीब एक महीने पहले 06 तारीख की रात आरोपी घनश्याम मेरे घर के पास आया। मैं उठकर घनश्याम के पास चली गयी फिर घनश्याम मुझे अपने साथ लेकर गांव लाबरिया जिला धार में गया। जहां एक झोपडी जैसा कच्चा मकान खंडहर मकान में मुझे अपने साथ रखा और मेरे साथ कई बार पति-पत्नी की तरह शारीरिक संबंध बनाये। आज आरोपी घनश्याम मुझे लेकर सिमलावदा आया जहां पुलिया के पास हम दोनांे खडे थे तभी मेरी माता-पिता और पुलिस आ गई थी जिन्होंने हम दोनों को पकड लिया, लिखापढी की और थाने पर लेकर आ गयी।
विवेचना के दौरान अभियुक्त घनश्याम को दिनांक 04.11.2020 गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विवेचना उपरंात अभियोग पत्र धारा 363,366,376(2)(एन) एवं 5एल/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त घनश्याम के विरूद्ध माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया।
विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 27.07.2023 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी, मौखिक साक्ष्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्य डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक होने के कारण प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त घनश्याम को दोषसिद्ध किया गया है। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।