रतलाम। पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन आचार्य रामलाल जी म सा के आज्ञानुवर्ती शासन दीपक आदित्य मुनि म सा ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में प्रवचन में फरमाया कि भारत कैसे बना इंडिया इस पर हमें चिंतन करना चाहिए हमारा इतिहास क्या था और आज हम कैसे जी रहे हैं अनेकों जाति धर्म बोली भाषा पहनावा भोजन वातावरण में भी अनेकता में एकता रूप लिए सोने की चिड़िया कहलाता था हमारा भारत क्योंकि देश के प्रति श्रद्धा के साथ-साथ हमारे मन में विचारों में एक दूसरे के प्रति सम्मान था भारतीय परंपरा हमारे मस्तिष्क पटल पर थी वर्तमान में पाश्चात्य संस्कृति हमारी संस्कृति पर हावी होती जा रही है हमारा पहनावा हमारा आहार यह सभी इसका विशेष कारण है फास्ट फूड को हमने अच्छे आहार का स्वरूप दे दिया परंतु वह कितने दिन पूर्व बना हुआ है हम जैसा खाएंगे अन्न वैसा रहेगा हमारा मन विदेशों में स्नोफॉल अधिक समय तक रहता है मौसमी कारणों की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाते इस कारण से ब्रेड पिज़्ज़ा ऐसे कई खाद्य सामग्री का सेवन 8 से 10 दिनों तक कर कर गुजारा करना पड़ता है उस गुजारे को हमने हमारी संस्कृति बना लिया वहां के मौसम के हिसाब से लोग कपड़े पहनते हैं हमने उसे अपना पहनावा बना लिया हम हमारी गुणवत्ता को छोड़ते हुए पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ गए और भारत को इंडिया बना दिया। उपरोक्त जानकारी देते हुए साधुमार्गी जैन संघ के प्रीतेश गादीया ने बताया कि इस अवसर पर चरित्र आत्माओं के प्रवचन के साथ-साथ ज्ञान ध्यान सीखने का भी लाभ ले रहे हैं व कई भाई बहन त्याग तपस्या की और आगे बढ़ते जा रहे हैं साथ ही साथ बालक मंडल द्वारा दोपहर में स्तवन प्रतियोगिता का आयोजन रखा गया जिसमें दो वर्ग में प्रथम दीया पिरोदिया सोनाली गोरेचा द्वितीय पावन सेठिया पूजा तलेरा तृतीय लब्धी मूणत महक मंडोत प्रोत्साहन पुरुस्कार के विजेता देशणा पिरोदिया सपना मूणत रहे ।इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सुदर्शन पिरोदिया ने अपने भाव रखें व मंत्री दशरथ बाफना ने सभा का संचालन किया। प्रतियोगिता ऋषभ मूणत जय बाफना आदि द्वारा कराई गई।