रतलाम। पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के पांचवे दिन राम महिमा महोत्सव के अंतर्गत समता भवन गोपाल गौशाला कॉलोनी पर चल रहे प्रवचन में आचार्य श्री रामलाल जी महाराज साहब के अज्ञानुवर्ती शासन दीपक आदित्य मुनि महाराज साहब ने फरमाया कि हम परिवार में ,समाज में, मित्रों में, राष्ट्र हित में, जितना संवाद आपस में अच्छे से कर सकेंगे उतना ही सौहार्दपूर्ण वातावरण निर्मित होगा व सारी और प्रगति के अवसर दिखेंगे हमारी पुरानी पीढ़ियों के समय परिवार का मिलन रोजाना शाम को होता था बच्चे बूढ़े पुरुष महिला युवा सभी साथ में बैठते थे जिससे आपस का ज्ञान बढ़ने के साथ-साथ आपसी प्रेम वात्सल्य भी बढ़ता था साथ ही साथ परेशानियों को निपटने की समझ व शक्ति भी मिलती थी एकता का भाव जागृत होता था एक दूसरे के भावों को समझ सकते थे ।वर्तमान स्थिति में देखने को मिलता है कि सहनशक्ति युवाओं में कम होती जा रही है इसका कारण ही वही है कि वह विवेकपूर्ण संवाद के अभाव से परेशानी को हल नहीं कर सकते और आत्महत्या जैसे प्रयास की ओर बढ़ जाते हैं विज्ञान के अनुसार हमारी शैली में भाव का प्रभाव 55% होता है बॉडी लैंग्वेज का प्रभाव 48% होता है और भाषा का प्रभाव 7% होता है हमारा भाव किस व्यक्ति के प्रति कैसा है उससे ही फेस रीडिंग कर व्यक्ति सामने वाले की भाषा शैली व मानसिकता को समझ जाता है दिखावटी हंसी अलग ही नजर आती है जिसमें अंदर से आत्मीयता का भाव ही नहीं होता है।संवाद करने से कई समस्याओ के हल हो जाते हैं मनमुटाव रखना अबोलापन रखना बातों को दबाना अंतर्मन में तड़पना यह सब हमें कभी आबाद नहीं कर सकते अगर हमें हमारा जीवन आनंद में जीना है तो हमें हर परेशानी के लिए हर व महत्वपूर्ण जीवन के उसे बिंदु के लिए संवाद करना आवश्यक है करेंगे संवाद तो बनेंगे आबाद इसलिए अपने भावों की अभिव्यक्ति को ना रोकते हुए उन्हें खुलकर संवाद का रूप विवेकता के साथ दीजिए प्रेम वात्सल्य के साथ हर समस्या का हल होगा। साथी शान दीपक रिजु प्रज्ञा जी महाराज साहब ने साधु मार्गी जैन संघ के चतुर्थ आचार्य श्री श्री लाल जी महाराज साहब के जीवन के बारे में बताया उन्होंने किस प्रकार से बाल उम्र से ही ब्रह्मचर्य के महत्व को समझकर उसकी पालना की परिवार को बड़ी ही चुनौती पूर्ण रूप में अपनी दीक्षा के लिए तैयार किया व दीक्षा अंगीकार कर हुक्म गच्छ को जिस तरह दीपाया वह आज सभी के समक्ष है । उपरोक्त जानकारी देते हुए साधुमार्गी जैन संघ प्रीतेश गादिया ने बताया कि नन्हे बालक पवन सेठिया किरण बेन चंडालिया मंत्री दशरथ बाफना में अपने भाव रखें और संचालन संघ अध्यक्ष सुदर्शन पिरोदिया द्वारा किया गया इस अवसर पर दोपहर में श्रावक श्राविकाओं व बच्चों के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है जिसमें संघ की कार्यकारिणी द्वारा आवाहन किया गया कि अधिक से अधिक भाग लेकर इस धर्म बेला में जुड़ने का प्रयास करें।