युवा साथ आएं, देश को आत्मनिर्भर व सुपर पॉवर बनाने में सहयोग दें

  • रतलाम के उद्यमी का आह्वान
  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में सैयद ओवैस अली

रतलाम। एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबका योगदान ज़रूरी है। सतत् मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से हम अपने उच्चतम लक्ष्य भी पा सकते हैं। इस प्रकार देश के आत्मनिर्भर व सुपर पॉवर बनाने में हम अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। युवा आगे आएं और हमारे साथ जुड़ कर देश निर्माण में सहयोग दें। नगर के प्रतिष्ठित उद्यमी, व्यवसायी सैयद ओवैस अली ने यह बातें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आयोजित एक समारोह में कहीं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त, देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के भूविज्ञान विभाग का स्थापना दिवस बीते दिनों अलीगढ़ में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में ओवैस मेटल एंड मिनरल प्रोसेसिंग लिमिटेड के प्रबंध निदेशक तथा मेसर्स सैयद अख़्तर अली ग्रुप के डायरेक्टर, सैयद ओवैस अली को बतौर मुख्य अतिथि निमंत्रित किया गया था। समारोह में अमुवि. के कुलपति प्रो. मुहम्मद गुलरेज़, भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. कुंवर फऱाहीम ख़ान, प्रो. एमई मोंडल, प्रो. राशिद उमर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी उपस्थित थे।
इस मौक़े पर श्री ओवैस अली ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी का समय है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम काम कर रहे हैं। युवाओं को मुख़ातिब करते हुए उन्होंने आग्रह किया कि वे आधुनिक टेक्नोलॉजी पर ज़्यादा से ज़्यादा काम करें। इससे फ़ायदा यह होगा कि हमारा देश आत्मनिर्भर होगा तथा सुपर पॉवर बनने की दिशा में बढ़ेगा। इसी को नजऱ में रखते हुए मेरी और मेरे भाई की तमन्ना और यह हमारा सपना है कि मिनरल्स के क्षेत्र में हमारे वालिद जनाब सैयद अख़्तर अली की सेवाओं को याद रखा जाए तथा उन्हें इसका प्योर फ़ॉर्म में प्रोडक्शन करने वाले के तौर पर जाना जाए। इस तरह देश को आत्मनिर्भर व सुपर पॉवर बनाने की दिशा में हमारे योगदान को याद रखा जाएगा।
सतत् मेहनत, लगन की प्रेरणा देते हुए उन्होंने साउथ अफ्ऱीक़ा की कहानी सुनाई तथा श्रोताओं को बताया कि जब वे सातवीं कक्षा के विद्यार्थी थे, तब अपने वालिद साहब से कोई डिमांड की। तब उन्होंने अल्लामा इक़बाल के ये मशहूर शेर सुनाते हुए कहा कि इस पैग़ाम को युवा अपनी जि़ंदगी में उतार लें-
दयारे-इश्क़ में अपना मुक़ाम पैदा कर
नया ज़माना, नए सुब्हो-शाम पैदा कर।
तेरी तरीक़ अमीरी नहीं फ़क़ीरी है
ख़ुदी न बेच गऱीबी में नाम पैदा कर।
श्री अली ने याद दिला कि पैगंबरे-इस्लाम हजऱत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलयहि व सल्लम) ने बेटियों की तालीम की ओर विशेष तवज्जो दिलाई है। हमें भी अपनी बेटियों की तालीम पर ज़्यादा से ज़्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करने का आह्वान करते हुए जानकारी दी कि उनके संस्थानों में महिलाओं का अनुपात ज़्यादा है। सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। सैयद ओवैस अली ने यह भी बताया कि माइनिंग, मिनरल्स के साथ ही वे इंडस्ट्रियल वेस्ट के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक़ यह वेस्ट सस्ता मिलता है, मेहनत कर के जिससे बहुत से क़ीमती उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इस तरह इंडस्ट्रियल वेस्ट से पर्यावरण को जो नुक़सान पहुंच रहा है, उससे भी बचा जा सकता है। इस क्षेत्र में शोध की इच्छा रखने विद्यार्थियों को उन्होंने अपने साथ काम करने के लिए निमंत्रित भी किया।
कार्यक्रम में उन्होंने यह जानकारी भी दी कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया द्वारा जल्द ही उनकी कंपनी ओवैस मेटल एंड मिनरल प्रोसेसिंग लिमिटेड के आईपीओ जारी किए जाने वाले हैं। समारोह में श्री अली द्वारा विभाग के 18 विद्यार्थियों का सम्मान किया गया, जिन्होंने अपनी क़ाबिलियत के बल पर उच्च पद हासिल किए। अमुवि. के कुलपति प्रो. मुहम्मद गुलरेज़ ने शिक्षा व उद्योग तथा रोजग़ार के बीच मज़बूत पुल बनाने के श्री अली व भूविज्ञान विभाग के प्रयासों की तारीफ़ की।