


झुमरी तिलैया। जैन धर्म के महान संत पूज्य गुरुदेव संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का चंद्र गिरि तीर्थ डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में प्रातः समाधि मरण हो गया यह सूचना प्राप्त होते ही पूरे भारतवर्ष और विश्व के जैन संप्रदाय के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई सभी अपनी ब्यवसाय बंद कर मंदिर में णमोकार जाप किया ।साथ ही भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उनकी समाधि पर गहरा दुख प्रकट किया और कहा कि उनका ब्रह्म लीन होना राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है उनका पूरा जीवन समाज में स्वास्थ्य शिक्षा भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने में लगा रहा लोगों में आध्यात्मिक जागृति के लिए उनके बहुमूल्य प्रयास सदैव स्मरण किए जाएंगे कोडरमा की लोकप्रिय सांसद माननीय केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी जी ने कहा कि जैन संत आचार्य विद्यासागर सभी धर्म के लोगों में पूजनीय थे सत्य अहिंसा और भारतीय संस्कृति के प्रतीक थे उनकी समाधि पर उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है समाजसेवी सुरेश झाझंरी ,राज छाबड़ा ,सुरेंद्रकाला, किशोर पांडया जय कुमार गंगवाल कमल सेठी , नि . पार्षद पिंकी जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन राजकुमार अजमेरा ने पूज्य आचार्य की समाधि पर अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि प्रकट की।
मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा,नविन जैन ने बताया कि रात्रि में जैन मंदिर में गुरुदेव के प्रति विनयांजलि सभा आयोजित की गई है जिसमे समाज के सेकड़ो लोगो ने अपनी श्रद्धांजलि दी और कहा संत शिरोमणि जैन आचार्य श्री विद्यासागर जी का देवलोकगमन से हम सभी ने एक राष्ट्र संत और चलते फिरते आज के भगवान को खो दिया । इसके साथ सभा की कार्यवाही पारंभ हुई। जिसमें सर्व प्रथम आचार्य श्री की फ़ोटो के समीप दीप प्रज्वलित समाज के वरिष्ट सदस्य सुशील जैन छाबडा,ललित जैन सेठी,ओम प्रकाश जैन सेठी,सुरेश जैन सेठी,राज कुमार जैन अजमेरा,महिला समाज नर भी किया इसके पश्चात समाज केमहिला संगठन की अध्यक्षा नीलम जैन सेठी ने मंगला चरण किया। इसके बाद विनयांजलि समाज के सह मंत्री नरेंद जैन झांझरी ने कहा ऐसे संत उनके प्रेरणादायक जीवन की गौरवगाथा हम शब्दों में वर्णन नहीं कर सकते। उनके जीवन का एक-एक पल हम सबके लिए प्रेरणादायक रहेगा। वरिष्ट सदस्य प्रदीप जैन छाबडा ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी के जाने से से जैन समाज के एक युग का अंत हो गया। समस्त दिगंबर जैन समाज उन्हें भावपूर्ण विन्यांजलि अर्पित करती हैं।अजय जैन सेठी ने कहा आचार्य श्री वर्तमान के भगवान महावीर थे और जिनशासन के शान थे, हम सब के साथ हमेशा रहेंगे। जैन विद्यालय के संयोजक ने कहा कि जैन समाज ने अपना एक ध्रुव तारा खो दिया। समाज के कोषाध्यक्ष सुरेन्द जैन काला ने कहा आचार्य श्री की संलेखना समतापूर्वक समाधी का सुनकर कोडरमा जैन समाज स्तब्ध है। आज एक सूर्य अस्त हो गया। इस युग के भगवान के चरणों मे नमन नमोस्तु जैन समाज मुनि श्री का सदैव ऋणी रहेगा।
दिगंबर महिला समाज की मंत्राणी आशा जैन गंगवाल ने कहा कि संत शिरोमणि विश्व वंदनीय राष्ट्र संत ब्रह्मांड के देवता आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज सिर्फ जेनियों के नहीं, बल्कि पूरे विश्व के हर धर्म के लोगों के दिलों में बसते थे। सुनीता जैन सेठी ने कहा उनका शरीर का तेज ऐसा, जिसके आगे सूरज का तेज भी फिका था। अंकिता जैन सड़ती ने कहा आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने सनलेखना समाघी मरण कर जेनत्व के उच्च स्थान को प्राप्त किया। जैन समाज ने अपना एक ध्रुव तारा खो दिया ओर साथ ही हम सभी खुशनसीब है कि हम सभी विद्यासागर जी महाराज के शासन काल मे हुवे।