परस्पर विरोधी विचारधारा में भी मानवीय मुद्दों को लेकर समन्वय स्थापित करने वाला सच्चा धार्मिक होता है – राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

बालोतरा । परस्पर विरोधी विचारधारा में भी मानवीय मुद्दों को लेकर समन्वय स्थापित करने वाला सच्चा धार्मिक होता है और सफलता के शिखर पर पहुंचता है उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने भारत जैन महामंडल की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा। जैसे नशे का सभी धर्म विरोध करते हैं तो नशे से मानव समाज को मुक्ति दिलाने के लिए सभी एक मंच पर संगठित होकर आवाज को बुलंद करें तो सफलता चरण चूमेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा सेवा ,भ्रूण हत्या, आतंकवादी, हिंसा, पर्यावरण, राष्ट्रीय एकता ,विश्व शांति जैसे विषयों को लेकर के सभी धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक संगठन अपने हितों का बलिदान देकर समर्पण भाव से आगे आएंगे तो 21वीं सदी मैं पुन: हिंदुस्तान विश्व गुरु बनेगा।
मुनि कमलेश ने बताया कि आध्यात्मिक शिक्षाओं को वैज्ञानिक ढंग से जनता में प्रस्तुत किया जाए तो सर्वमान्य होगा और तत्काल प्रभावी भी होगा।
राष्ट्रसंत ने कहा कि धार्मिक उपासना पद्धति आत्म शुद्धि के लिए है उस के माध्यम से सामाजिक धार्मिक और राष्ट्रीय समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए भी हम सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के हमले को रोकने के लिए आध्यात्मिक शक्तियों को एक मंच पर आना होगा नहीं तो उनका अस्तित्व भी सुरक्षित नहीं रहेगा। भारत जैन महामंडल अध्यक्ष सीए ओम बांठिया ने स्वागत भाषण में सभी पदाधिकारियों सदस्यों का परिचय कराते हुए संगठन के उद्देश्य के अनुरूप उत्साह एवं सकारात्मक कार्यों को करने का विश्वास व्यक्त किया। संरक्षक रूपचंद सालेचा ने ओसवाल समाज की गतिविधियों की जानकारी दी ।संरक्षक डॉक्टर जी सी वडेरा ने जैन धर्म को वैज्ञानिक धर्म बताते हुए विश्व स्तर पर इसकी उपयोगिता जो सार्थक सिद्ध हो रही है ,उसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया ।सचिव महेंद्र चोपड़ा ने मुनि श्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की ।संगठन मंत्री जवेरीलाल मेहता को नए सदस्य अभियान एवं संगठन कार्यों का विशेष कार्यभार सौंपा गया। सह मंत्री निलेश सालेचा ,दलपत जैन, तनसुख हुंडिया,जवेरी लाल हुंडिया सहित सदस्यों ने अपने विचार रखे। मुनि श्री कल राम मंदिर निर्माण के विशेष कार्यक्रम में मंगल सानिध्य प्रदान कर, गढ़ सिवाना की ओर बिहार करेंगे।