
जावरा (अभय सुराणा) । अटल ग्राम विकास सामाजिक संगठन जावरा के तत्वाधान में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी मालवा विचार मंथन कार्यक्रम के अंतर्गत आपरेशन सिंदूर वीर गान काव्य पाठ का आयोजन रखा गया जिसमे कवियों और शायरों ने वीर रस की सुंदर रचनाएं सुनाई।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अभय कोठारी मुख्य अतिथि श्री प्रदीप चौधरी एवम विशेष अतिथि श्री सी एम मेहता द्वारा की गई। इस त्रि दिवसीय आयोजन का आरंभ मां सरस्वती की पूजा दीप प्रज्वलन से हुई। सरस्वती वंदना श्री रतनलाल उपाध्याय रत्नेश द्वारा की गई। इस गरिमामय आयोजन में एक से बढकर एक रचना पहलगांव की दुर्भाग्य पूर्ण घटना,आपरेशन सिंदूर और सेना के शोर्य पर केंद्रित सुनाई गई।
इस आयोजन में सर्व श्री रमेश मनोहरा कुत्ता जब हडका हो जाता है तब वह काटता हे,
पाकिस्तान बी कुत्ता है वह काटने की आदत नहीं छोड़ता है
मनोहर सिंह चौहान मधुकर ने काव्य पाठ में अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए अंतर्मन रो रहा है कैसे रोको विचारों को उठो विरो चिर डालो हिंदू के हत्यारे को ।
रतनलाल उपाध्याय रत्नेश मैं रचना पाठ करते हुए राष्ट्र की शक्ति का प्रतीक है सिंदूर साओ के शौर्य का प्रतीक है सिंदूर वीरों के परम सूर्य से विजय पाते हैं कवि रन कहे वीरों का वीर गान गाते हैं रचना प्रस्तुत की
डॉ. सी .एम.ने आओ वतन को मिटाए जो भी हो मंजूर है मां की मांग को बचाएं ऑपरेशन सिंदूर हे प्रस्तुत की। गुलाम मोइनुदीन मोइन ने कहता हूं मैं चिल्ला कर कहता सारा जहां मीन भूमंडल में इस्लाम का दुश्मन केवल पाकिस्तान मोईन। राजेश धनोतिया ने यह जो हम खुश होकर आजादी का जश्न मनाते हैं इसमें कई लोगों ने अपनी आहुतियां दी है।।शायर फ़ज़ल हयात मैं इस बार मेरा वार जो भरपूर लगा है लाहौर तेरे माथे पर सिंदूर लगाए प्रस्तुत की। ओम प्रकाश शिकारी ने ने तिरंगे की व्याख्या करते हुए का तीन रंगों से सजा तिरंगा प्यारा आओ इसे महान बनाएं ।राजेंद्र त्रिवेदी मैं अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि चेतन से के शिखर से आज उगलनी चाहिए दहाड़ भारी है सिंदूर से लंका अब जलनी चाहिए। नवांकुर संस्कृति त्रिवेदी ने काव्य पाठ कर आयोजन को ऊंचाई प्रदान की आज के काव्य पाठ में संस्कृति त्रिवेदी का काव्य पाठ श्रेयस्कर इस अर्थ में रहा की उन्होंने हिंदी के साथ अंग्रेजी में भी काव्य पाठ किया जिसे उपस्थित कवियों एवम सुधि श्रोताओं के द्वारा सराहा गया।
मुख्य अतिथि सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी ने अपना उद्बोधन में कहा कि साहित्य रचना से ही नए विचारों की उत्पत्ति होती है आपने आयोजन की प्रशंसा की तथा सभी साहित्यकारों का अभिवादन किया।
अतिथियों द्वारा सभी साहित्यकारों का पुष्प माला स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया मुख्य अतिथि श्री प्रदीप चौधरी को भी संस्था द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस आयोजन में श्री जगदीश उपमन्यु, अभय श्रीवास्तव, विनोद चोरसिया, अमित ताम्रकार आदि की उपस्थिति रही।
आयोजन का संचालन श्री राजेंद्र त्रिवेदी ने किया और आभार संस्था के श्री जगदीश उपमन्यु ने प्रकट किया।