

जावरा (अभय सुराणा)। जब आंसू होते हैं तो आप कंधा होते हैं, जब दर्द होता है तो आप दवा होते हैं, और जब हादसा होता है तो आप उम्मीद होते हैं । जीवन और मृत्यु तो परमात्मा के हाथों में होती है लेकिन फिर भी जीवन की अंतिम सांस तक मनुष्य का जीवन बचाने का कार्य डॉक्टर करता है । इसलिए डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप भी कहा जाता है ।
दिन-रात मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टर को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं, डॉक्टर अपनी सारी महत्वाकांक्षाओं को दरकिनार कर सर्वप्रथम पीड़ित मानवता की सेवा में कार्य करता है, ऐसे डॉक्टरों का आज डॉक्टर्स डे पर सम्मान कर हम सभी अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं । आज के इस शुभ दिवस पर हम उनकी निस्वार्थ सेवा करुणा और रोगी के प्रति प्रतिबद्धता के लिए भी डॉक्टर के प्रति कृतज्ञता करते हैं । विश्व में 1 जुलाई को चिकित्सक दिवस के रूप में मनाया जाता है । इस दिन को मनाने का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टर के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान जाहिर करना होता है, वैसे तो पहले से ही डॉक्टर को जीवन दाता की संज्ञा दी गई है । भारत में राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस पहली बार 1 जुलाई 1991 को डॉक्टर बिधानचंद्र राय के सम्मान में स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान को श्रद्धांजलि देने के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने अपने जीवन का अच्छा योगदान हजारों लोगों का इलाज कर किया था । इसके अलावा यह महात्मा गांधी के निजी चिकित्सक भी थे ।
उक्त विचार डॉक्टर्स डे पर भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष वीरेंद्र सिसोदिया के वी के द्वारा डॉक्टर के स्वागत सम्मान के दौरान रखें । इस मौके पर डॉक्टर प्रकाश उपाध्याय डॉक्टर दीपक पलाडिया डॉक्टर आई.एल.चंदेलकर डॉ अतुल मंडवारिया डॉक्टर अयाज खान डॉक्टर एच्.एस. राठौर डॉक्टर हेमंत तोलानी डॉक्टर अंतिमा जैन डॉक्टर शंकर लाल खराड़ी डॉक्टर अरुण चंदेलकर डॉ सुशील दवे डॉ दिलीप शाकल्य डॉ राकेश जैन डॉक्टर अरुण गुप्ता डॉक्टर मोनिका डॉक्टर अर्चना धाकड़ डॉ फैजान खान डॉ अजय सिंह राठौड़ डॉक्टर दिनेश कनौजिया डॉक्टर घनश्याम पाटीदार डॉ रौनक कोचट्टा डॉक्टर दिनेश पाटीदार डॉ पामेचा डॉ वर्मा
का पुष्प मालाओ से स्वागत किया गया । इस अवसर पर रेडक्रास कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल (मामा), मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र सिंह तोमर एवं जिला प्रतिनिधि भूपेंद्र सारडा उपस्थित रहे ।