रतलाम मेडिकल कॉलेज में 100 वां नेत्रदान सफलतापूर्वक सम्पन्न, नेत्रम संस्था की अहम भूमिका

रतलाम 12 जुलाई। रतलाम मेडिकल कॉलेज ने नेत्रदान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपना 100वां नेत्रदान सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इस सराहनीय कार्य को संभव बनाया नेत्रम संस्था एवम अन्य संस्थाओं के अथक प्रयासों, सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रेरणा और परिजनों की सहमति ने, जिससे चार दृष्टिहीन व्यक्तियों को रोशनी मिलने की नई आशा जगी है।
100वें नेत्रदान का यह महत्वपूर्ण अवसर दिनदयाल नगर निवासी स्व. कृष्ण गिरी गोस्वामी के नेत्रदान के रूप में दर्ज हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता सुशील मीनू माथुर ,शुभम सिंह चौहान एवम मांगूसिंह सोलंकी ने दिवंगत के पुत्रों सुशील गिरी गोस्वामी एवं कमलेश गिरी गोस्वामी को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। परिजनों की सहमति मिलते ही नेत्रम संस्था ने मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचना दी। डॉ. मुथा के मार्गदर्शन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया, डॉ. अदिति गजभिये, नर्सिंग ऑफिसर विनोद कुशवाह, एवं जीवन देवड़ा की टीम ने नेत्र संग्रहण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
नेत्रदान टीम को रतलाम मेडिकल कॉलेज से दिवंगत के निवास स्थान तक पहुँचाने एवं पुनः सुरक्षित वापसी की संपूर्ण व्यवस्था नेत्रम संस्था के सदस्य श्री सुशील मीनू माथुर द्वारा उनके निजी वाहन से की गई, जो उनकी सेवा भावना और समर्पण का उदाहरण है।
यह नेत्रदान रतलाम मेडिकल कॉलेज के इतिहास में 100वें नेत्रदान के रूप में दर्ज हुआ, जो जिले के लिए गर्व की बात है।
इससे पूर्व विनोबा नगर निवासी स्व. श्रीमती सुभद्रा नाईक के निधन उपरांत उनके परिजनों ने भी नेत्रदान कर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। गिरधारीलाल वर्धानी के प्रेरणा से, बड़नगर गीता भवन न्यास के डॉ. जी.एल. ददरवाल, मनीष तलाच व मोहनलाल राठौड़ की टीम ने रतलाम पहुँचकर नेत्र संग्रहण की प्रक्रिया को पूरा किया।
नेत्रदान के दौरान दोनों परिवारों, उनके मित्रों व शुभचिंतकों ने प्रत्यक्ष रूप से नेत्र संग्रहण की प्रक्रिया को देखा और नेत्रदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया। सभी ने भविष्य में नेत्रदान करवाने का संकल्प भी लिया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर हेमंत मूणत, नवनीत मेहता, ओमप्रकाश अग्रवाल, शलभ अग्रवाल, शीतल भंसाली, भगवान ढलवानी, हितेश वागमार, अमित लुणावत, गिरधारीलाल वर्धानी सहित नेत्रम संस्था के कई सदस्य उपस्थित रहे। संस्था द्वारा परिजनों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके मानवीय निर्णय को सम्मानित किया गया।