गौशाला में गौमाता हेतु 108 कंबल बांटने का संकल्प लिया
धुंधडका । अहिंसा को कोई कायर बुजदिल डरपोक मानता है अथवा पलायन वादी के नाम से पुकारता है वह अहिंसा के मर्म से अनभिज्ञ हैं उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन स्थानक में धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि शूरवीर पराक्रमी निडर निर्भीक आदमी अहिंसा का पालन कर सकता है । उन्होंने कहा कि हिंसा नहीं करना यह अधूरी अहिंसा है हिंसा रोकने के लिए कफन का टुकड़ा सिर पर लेकर प्राणों की परवाह न करते हुए आगे आता है वही सच्चा अहिंसा वादी है।
मुनि कमलेश ने कहा कि जुल्म करना हिंसा जुल्म सहना भी हिंसा है जुल्म का प्रतिकार करना न्याय की रक्षा करना अहिंसा है । राष्ट्रसंत ने कहा कि होती हुई हिंसा को देखकर अहिंसा की दुहाई देते हुए हाथ पर हाथ देकर बैठ जाता है अहिंसा को कलंकित और बदनाम कर रहा है देश धर्म की रक्षा के लिए उठाया गया कठोर कदम अहिंसा ही है । जैन संत ने बताया कि आक्रमक कार्रवाई करना हिंसा है और आक्रामकता की रक्षा के लिए उठाया कदम भी अहिंसा की श्रेणी में आता है हम किसी को छोड़ते नहीं और छेडऩे वाली को छोड़ते नहीं यह वीरों की अहिंसा है गौतम मुनि घनश्याम मुनिजी ने विचार व्यक्त किए कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया राष्ट्र संत के आगमन की खुशी में सरपंच श्री सूजाराम चौधरी जी ने कामधेनु सर्कल बनाने की घोषणा की । पारसमल कोठारी, भंवरलाल भंडारी, शांतिलाल मोदी, नेमीचंद सोड, भंवरलाल पारलेचा, रकबचंद पारलेचा ने संतों का अभिनंदन किया । गौशाला मैं गोपाल को हेतु 108 कंबल बांटने का संकल्प लिया।