- तीन दिवसीय जावरा महोत्सव में सांस्कृतिक संध्या और ‘डिजिटल शॉर्ट प्ले’ होगा मुख्य आकर्षण
- उज्जैन में 10 दिनों तक बिना मोबाइल के कड़े ‘मौन साधना शिविर’ में जुटेंगे देशभर के साधक

रतलाम। मालवा की पावन धरा पर इस वर्ष वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही अध्यात्म, तप और आत्म-कल्याण की एक नई अलख जगने जा रही है। सत्य साधना के प्रणेता, परम पूज्य गुरुदेव ज.यु.प्र.वृ.भ. खरतर गच्छाधिपति जैनाचार्य 1008 श्री पूज्य श्री जिनचन्द्रसूरिजी महाराज साहब का मालवा क्षेत्र में मंगल आगमन हो रहा है। पूज्य आचार्य श्री के इस पावन प्रवास को लेकर जावरा से लेकर उज्जैन तक के श्रद्धालुओं और जैन समाज में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है। आगामी दिनों में मालवा के रहवासी करीब एक पखवाड़े (15 दिन) तक ध्यान, तप और साधना की त्रिवेणी में डुबकी लगाएंगे।
कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस आध्यात्मिक महोत्सव को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है, जिसके अंतर्गत जावरा में 3 दिवसीय भव्य कार्यक्रम और उज्जैन में 10 दिवसीय कड़े मौन साधना शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
पहला चरण: जावरा में तीन दिवसीय विशेष महोत्सव (27 से 29 जुलाई)
जावरा (जिला-रतलाम) के ‘अंबिका रिजॉर्ट’ में आयोजित होने वाले इस त्रिविध महोत्सव में देश के कोने-कोने से गुरुदेव के भक्त और अनुयायी शामिल होने पहुंच रहे हैं।
27 जुलाई (बाल सत्र): नई पीढ़ी में संस्कारों और अध्यात्म का बीजारोपण करने के उद्देश्य से विशेष ‘बाल सत्र’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लगभग 100 बाल साधक एक साथ बैठकर ध्यान की बारीकियों को सीखेंगे।
28 जुलाई (सांस्कृतिक एवं भजन संध्या): यह दिन इतिहास और भक्ति के अनूठे संगम का गवाह बनेगा। देर शाम प्रख्यात गायक पिंटू स्वामी की भव्य भजन संध्या आयोजित होगी। इसी श्रृंखला में सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं यति श्री रतनलाल जी महाराज के विराट व्यक्तित्व और देश व समाज के प्रति उनके योगदान पर आधारित एक डिजिटल लघु नाटिका (Short Play) का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा।
29 जुलाई (गुरु पूर्णिमा महोत्सव): गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूज्य गुरुदेव के मुखारविंद से विशेष प्रवचन गंगा बहेगी, जिसमें गुरु-वंदन और आत्म-कल्याण के सूत्रों पर प्रकाश डाला जाएगा।
दूसरा चरण: उज्जैन में 10 दिवसीय कठिन ‘मौन साधना शिविर’ (5 से 16 अगस्त)
उज्जैन-देवास रोड स्थित ‘अंतराय रिसोर्ट’ में 10 दिवसीय कड़े ‘सत्य ध्यान साधना शिविर’ का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर के नियम अत्यंत कठोर रखे गए हैं:
पूर्ण डिजिटल डिटॉक्स: शिविर में शामिल होने वाले 150 से 200 साधक बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट जाएंगे। पूरे 10 दिनों तक मोबाइल का उपयोग पूर्णतः वर्जित रहेगा।
कठिन दिनचर्या: साधक प्रतिदिन पूर्ण मौन रहकर सत्य ध्यान साधना का अभ्यास करेंगे। विभिन्न सदाचारों, कड़े नियमों और नियमित स्वाध्याय (आत्म-अध्ययन) के जरिए साधक अपनी आत्मिक ऊर्जा का संचय करेंगे।
आयोजकों का संदेश:
आयोजन समिति के पदाधिकारियों का मानना है कि आधुनिकता और भागदौड़ भरी तनावपूर्ण जिंदगी के बीच मालवा में आयोजित हो रहा यह साधना पर्व किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस एक पखवाड़े की साधना से साधक न सिर्फ मानसिक शांति का अनुभव करेंगे, बल्कि ध्यान को अपने जीवन में आत्मसात कर अपने और अपने परिवार के जीवन को अधिक खुशहाल, ऊर्जावान और तनाव मुक्त बना सकेंगे।