
समदड़ी ढूंढ । जब हिरण के शिकार पर दंडनीय अपराध है तो फिर गौ माता के हत्यारों पर कठोर कानून क्यों नहीं उक्त विचार कमल मुनि कमलेश ने श्री जैन दिवाकर हरिराम गोशाला के भूमि पूजन पर व्यक्त करते कहा कि गौ हत्यारे को म मानव हत्यारे के समान दंड मिलना चाहिए । उन्होंने कहा कि इंसान के बिना पशु जिंदा रह सकता है लेकिन पशु के बिना इंसान नहीं रह सकता पशु की हत्या इंसान से बढ़कर है । मुनि कमलेश ने बताया कि गाय संस्कृति का प्राण आर्थिक का में मेरुदंड के समान है स्वास्थ के लिए रामबाण औषधि है
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि पशु हमारी उपकारी है उनको अनदेखा करना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान है । जैन संत की प्रेरणा से सरपंच राजेंद्र सिंह जी ने 25 बीघा जमीन गौशाला हेतु घोषित की । मांगीलाल जी मुणत की अध्यक्षता में 21 जनों की समिति बनाई गई । जाट श्री राम पटेल, गोकुलधाम जी सुथार, गिरधारी लाल जी भाटी द्वारा तत्काल 7,00,000 लाख की राशि एकत्रित की गई । इस मौके पर राष्ट्र संस्थान नागरिक अभिनंदन भी किया गया।