50 वर्ष से अधिक राज करने वाली भारत की एक मात्र रानी चेन्नाभैरादेवी पर डाक टिकट जारी

भारत के स्वतंत्रता संग्राम की पहली रानी जिसने रानी लक्ष्मीबाई के कई दशकों पूर्व अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए

इंदौर । भारत की धरती पर ऐसे – ऐसे महारथियों ने जन्म लिया है, जिनके बारे में भले ही हमारा इतिहास मोन रहा है, विदेशी इतिहासकारों ने और हमारे खुद के इतिहासकारों ने अपनी संकीर्ण मानसिकता की वजह इनको महिमा मंडित करना उचित नहीं समझा परन्तु हीरे की आभा स्वयं प्रकाशमान होती है उसको किसी के आलंबन की जरूरत नहीं होती है। ऐसी ही एक महान विभूति है, रानी चेन्नाभैरादेवी। रानी चेन्नाभैरादेवी ने 16वीं शताब्दी के विजयनगर साम्राज्य की नागिरे प्रांत की जैन रानी थीं। उन्हें आधिकारिक तौर पर महामंडलेश्वरी रानी चेन्नाभैरादेवी के नाम से जाना जाता था।
उक्त जानकारी देते हुए वर्द्धमानपुर शोध संस्थान एवं वरिष्ठ फिलेटेलिस्ट ओम पाटोदी ने बताया कि भारत सरकार के डाक तार विभाग द्वारा गुरुवार 24 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में एक गरिमामय समारोह में 5 रूपए मूल्यवर्ग का एक विशेष डाक टिकट जारी किया। जिसका लोकार्पण महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुरमू जी ने किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री प्रहलाद जोशी जी व सांसद पद्मभूषण श्री विरेंद्र हेगडे जी उपस्थिति थे। इस डाक टिकट समारोह में जैनिज्म फिलेटेलिक ग्रुप के श्री महावीर कुंदूर की विशेष भूमिका रही। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि दक्षिण भारत में शासन तंत्र पर जैन धर्म का काफी प्रभाव रहा वहीं कई शासक जैन धर्म के अनुयाई रहे वहीं शासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर जैन लोग रहे हैं। चेन्नाभैरदेवी जैन का नाम भारतीय इतिहास में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली रानी के रूप में लिया जाता है, उनका शासनकाल 1552 से 1606 तक यानी लगभग 54 साल की अवधि का माना जाता है। उन्होंने 1559 और 1570 में पुर्तगालियों के खिलाफ युद्ध किए और उन्हें जीता भी बाद में पुर्तगालियों के साथ वाणिज्यिक संबंध शुरू किया और भारत से मसालों का निर्यात शुरू किया उन्होंने भटकल और होन्नावर बंदरगाहों के माध्यम से यूरोपीय और अरब क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में काली मिर्च और अन्य मसालों का निर्यात किया था। उन्हें “काली मिर्च की रानी” भी कहा जाता है।
डाक टिकट जारी हाने पर वर्धमानपुर शोध संस्थान एवं भारत वर्षीय जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन अमित कासलीवाल बीमल झांझरी हंसमुख गांधी टीके वेद सुशील पांड्या ओम् पाटोदी मंयक जैन राजेश जैन फुलजी आदि समाज जन ने हर्ष व्यक्त किया।