
इटखोरी । परम पूज्य श्री 108 गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का 31 जनवरी दिन रविवार को देवाधिदेव 1008 शीतलनाथ भगवान की जन्म भूमि भदलपुर, इटखोरी में भव्य मंगल प्रवेश हुआ आचार्य श्री के मंगल प्रवेश पर जैन समाज के लोगों ने प्रखंड के प्रवेश द्वार पर पूरे विधि विधान के साथ उनका भव्य स्वागत किया 1 फरवरी सोमवार को प्रातः 1008 श्री शीतलनाथ भगवान की प्रतिमा पर अभिषेक शांतिधारा गुरुवर के मुखारविंद से हुआ इसके बाद आहार चर्या के साथ दिन में 1:00 बजे आचार्य श्री के द्वारा जन्म भूमि पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित किए इस अवसर पर शीतलनाथ भगवान के कमेटी के महामंत्री सुरेश झांझरी ने बताया की गुरुदेव चतरा से प्रस्थान करने के पश्चात छोटे छोटे गांव होते हुवे आचार्य श्री का मंगल आगमन हुआ । इस अवसर पर हजारीबाग,चतरा, कोडरमा,रांची,रामगढव बिहार से गया,औरंगाबाद आदि कई जिलों से भी जैन धर्मावलंबी शामिल हुवे धर्मसभा के बाद गुरुदेव का कोडरमा की ओर मंगल विहार हुवा रास्ते मे आचार्य श्री ससंघ के साथ भद्रकाली मंदिर स्थित संग्रहालय देखा जिसमें जैन धर्म के अवशेषों को देखकर काफी प्रसन्न हुए हैं यहाँ जैन धर्म से संबंधित कई अवशेष भी हैं इस पूरे कार्यक्रम में विशेष रुप से शीतलनाथ तीर्थक्षेत्र कमेटी के महामंत्री सुरेश झांझरी कोडरमा सह मंत्री राज छाबड़ा क्षेत्रीय मंत्री सुनील कुमार जैन इटखोरी कार्यकारी अध्यक्ष विमल बड़जात्या कोडरमा, जितेंद्र जैन चतरा, बिनोद जैन, ताराचंद जैनइटखोरी समेत बड़ी संख्या में लोग जुट कर इस कार्यक्रम को शामिल हुए।