शेषकाल में पधारने एवं 2027 के वर्षावास की विनती भी कर रहे है
रतलाम। आचार्य श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. आदि ठाणा 9 एवं पुण्य पुंज साध्वी श्री पुण्यशीलाजी म. सा. आदि ठाणा 10 के वर्षावास में आराधनाओं का जबर्दस्त दौर चला और वर्तमान में तपस्वी आत्माएं तप में रमण कर रहे है। प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. के सानिध्य में ज्ञान – दर्शन – चारित्र और तप की विशिष्ट आराधना में आराधक उत्साह पूर्वक आराधना कर रहे हैं। गुरु समर्पण वर्षावास समिति के मुख्य संयोजक शांतिलाल भंडारी, श्री संघ अध्यक्ष रजनीकांत झामर व महामंत्री विनय लोढ़ा ने बताया कि यहां पर वर्षावास प्रारंभ से ही बाहर के अनेक श्रीसंघों का आगमन हो रहा है। वहीं संवत्सरी महापर्व के पश्चात मध्यप्रदेश सहित गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि कई श्रीसंघों के श्रावक – श्राविकाओं का सैलाब वर्षावास स्थल डीपी परिसर पर संयमी आत्माओं के दर्शनार्थ उमड़ रहा है। जिनका आत्मीय स्वागत सत्कार श्री संघ एवं श्री संघ की सहयोगी संस्थाओं के द्वारा किया जा रहा है।
इधर आवास, भोजन आदि की भी माकूल व्यवस्था की गई है। विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्री संघ यहां पर प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा., संत व साध्वी मंडल से संवत्सरी संबंधी क्षमा याचना कर दर्शन, वंदन, व्याख्यान, ज्ञान चर्चा, प्रतिक्रमण आदि का पूरा-पूरा लाभ ले रहे हैं। वहीं कई आराधक आजीवन के विभिन्न त्याग – प्रत्याख्यान भी ग्रहण कर रहे है। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंच रहे श्री संघ प्रवर्तकश्रीजी से वर्षावास के पश्चात शेषकाल में अपने शहर, नगर, गांव में पधारने की विनती कर रहे हैं। कुछ श्रीसंघों ने प्रवर्तक श्रीजी के वर्ष 2027 के वर्षावास की विनती भी की। गौरतलब है कि प्रवर्तक श्रीजी का वर्ष 2026 का वर्षावास रतलाम जिले के ताल नगर में होगा। जिसकी घोषणा प्रवर्तक श्रीजी ने बड़नगर नगर में मार्च में आयोजित होली चातुर्मास समारोह के दौरान कर दी थी।
रविवार को मनाया जाएगा पक्खी पर्व* अणु श्री श्राविका मंडल की अध्यक्ष मोनिका गाँधी , महामंत्री अंजलि मांडोत व सचिव अर्पिता डोसी ने बताया कि प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा ., मुनि व साध्वी मंडल के सानिध्य में 7 सितम्बर रविवार को पक्खी पर्व जप तप त्याग तपस्या के साथ मनाया जाएगा । श्रावक श्राविकाएं सामूहिक उपवास सहित विविध आराधना करेगे । पोषध व संवर की आराधना भी होगी । शाम को 6.45 बजे से पक्खी प्रतिक्रमण प्रारंभ होगा । श्रावक वर्ग का प्रतिक्रमण डीपी परिसर पर व श्राविका वर्ग का प्रतिक्रमण गौतम भवन पर होगा । श्री संघ व संघ की समस्त संस्थाओं ने श्रावक -श्राविकाओ से पक्खी पर्व पर अधिक से अधिक आराधना करने का अनुरोध किया है ।