तीन परिवारों के नेत्रदान से छह नेत्रहीनों को मिलेगा नया जीवन

नेत्रम संस्था के सतत प्रयासों की प्रेरणादायक सफलता

रतलाम 12 सितम्बर। नेत्रदान के क्षेत्र में जनजागरूकता और सेवा के प्रति समर्पित नेत्रम संस्था के निरंतर प्रयासों से रतलाम शहर में दो एवम ग्रामीण में एक कुल तीन नेत्रदान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। इन उदार कार्यों से छह दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने की आशा जगी है रतलाम रेडक्रास सोसायटी के संचालक एवम नेत्रम संस्था के संस्थापक हेमन्त मूणत ने अवगत कराया कि
(1)) अमृतसागर कॉलोनी निवासी स्व. मोहनलाल परिहार की धर्मपत्नी श्रीमती शांतादेवी के निधन उपरांत, परिजनों ने महेन्द्र चौहान व गोपाल राठौड़ पतरावाला की प्रेरणा से नेत्रदान का निर्णय लिया। मेडिकल कॉलेज टीम (विनोद कुशवाह, भावना खन्ना) ने जीवनसिंह देवड़ा के सहयोग से प्रक्रिया सम्पन्न की। वाहन व्यस्था भगवान ढलवानी द्वारा की गयी
(2) ग्राम जाबड़ा निवासी स्व. छोगा लाल पाटीदार के निधन पर, परिजनों ने सुरेश पाटीदार सिमलावदा की प्रेरणा से नेत्रदान किया। डॉ. जी.एल. ददरवाल अपनी टीम (भावेश तलाच, मोहनलाल राठौड़) के साथ जाबड़ा पहुंचे और संपूर्ण प्रक्रिया सम्पन्न की।
(3) कस्तूरबा नगर निवासी स्व. मांगीलाल मेहता दिवेल वाला के परिजनों ने गौतम मालवी व ओमप्रकाश अग्रवाल की प्रेरणा से नेत्रदान हेतु सहमति दी। डॉ. जी.एल. ददरवाल ने अपनी टीम के भावेश तलाच मोहनलाल राठौड के साथ यह कार्य सम्पन्न किया।
तीनों नेत्रदानों के दौरान नेत्रम संस्था के सेवादार गोपाल राठौड़ पतरावाला, राजेन्द्र चौहान, ललित राठौड़, महेन्द्र चौहान, बाबूलाल परिहार, चन्दन परिहार, दिनेश चौहान,राधेश्याम सरपंच, बंसीलाल पाटीदार शीतल भंसाली, सुशील मीनू माथुर, भगवान ढलवानी, गिरधारीलाल वर्धानी, शिवम माथुर, ओमप्रकाश अग्रवाल, प्रशांत व्यास, शलभ अग्रवाल, यशवंत पावेचा, सुरेश पाटीदार, गोविन्द काकानी, अशोक बोथरा आदि सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
नेत्रम संस्था ने इन तीनों परोपकारी परिवारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके मानवीय योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्था ने समाज में नेत्रदान की महत्ता पर बल देते हुए जनजागरूकता अभियान को और अधिक गति देने का संकल्प दोहराया।

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