भ्रष्टाचार के मामले में अपात्र कृषकों कोे के.सी.सी. लोन देने वाले बैंक प्रबंधक व लोन प्रबंधक एवं कृषकों को कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया गया

रतलाम । आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई इन्दौर के विशेष प्रकरण क्रमांक 03/2015 में माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) श्री संजीव कटारे द्वारा आज दिनांक 10.10.2025 को पारित अपने निर्णय में आरोपी मुख्यआरोपी ब्रदीलाल पाटीदार,तत्कालीन बैंक प्रबंधक,बैंक ऑफ इण्डिया,बजाजखाना शाखा, रतलाम एवं सहआरोपी दिलीप मेहता, तत्कालीन लोन प्रबंधक, बैंक ऑफ इण्डिया, बजाजखाना शाखा, रतलाम को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) में 2-2 वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपयें जुमार्ना तथा धारा 420, 120बी भादवि में में 2-2 वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपयें जुमार्न से दंडित किया गया।
प्रकरण में के.सी.सी. लोन प्राप्त करने वाले 14 अपात्र कृषको मनोज पिता रामनारायण, हरिश पिता मुकेश, अनोखीलाल पिता चंपालाल, दशरथ पिता लक्ष्मीनारायण, प्रेमबाई पति उमरावसिंह, कचरुलाल पिता हीरालाल, किशनलाल पिता गिरधारीलाल, मोहनलाल पिता नरसिंह, विरेन्द्र पिता मनोहरलाल, शांतिलाल पिता बगदीराम, उंकारलाल पिता भेरुलाल, महेश पिता बाबुलाल, मदनलाल पिता भरतलाल तथा, दशरथ पिता गणपतलाल को धारा 420 भादवि में में 2-2 वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपयें जुमार्न से दंडित किया गया व धारा 467,468, 471 भादवि में 3-3 वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपयें जुमार्न से दंडित किया गया एवं शेष आरोपीगण को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री कृष्णकांत चौहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के द्वारा की गई है।
सहायक निदेेशक अभियोजन/जिला अभियोजन अधिकारी जिला रतलाम श्रीमती आशा शाक्यवार ने बताया कि माह जनवरी 2010 में बैंक ऑफ इण्डिया के तत्कालीन आंचलिक प्रबंधक श्री पी०डी० उपाध्ये के आदेश पर दिनांक 19.02.10 को प्रबंधक मानव संसाधन एवं विजिलेंस लायजन ऑफीसर श्री सुनील गुप्ता ने उनके सहयोगी स्टॉफ अधिकारी श्री रविन्द्रकुमार सिरोडिया के साथ रतलाम जाकर बैंक ऑफ इण्डिया रतलाम शाखा से संबंधित रामलाल पाटीदार निवासी भदवासा की शिकायत की जांच की. उन्होने रामलाल पाटीदार, बैंक शाखा रतलाम के कर्मचारियों, थाना माणक चौक के पुलिस अधिकारी श्री जाटव साहब एवं ग्राम भदवासा के किसानों से चर्चा एवं पूछताछ की तो यह मालूम पड़ा कि उक्त बैंक में दलाल राधेश्याम पाटीदार आदि के माध्यम से बैंक मैनेजर बी०एल० पाटीदार ने फर्जी के.सी.सी. लोन प्रकरण बनाये है। जांच के दौरान ही दिनेश चुड़ावत और महेश मीणा नामक व्यक्तियों ने श्री सुनील गुप्ता से जांच आगें न बढ़ाने का अनुरोध कर मामला जल्द ही निपटा देने का आश्वासन दिया और 50,000/- रुपये बैंक में जमा करा दिये तथा दूसरे दिन 2.00 लाख रुपये जमा कराने का आश्वासन देकर 1.30 लाख रुपये जमा कराये। श्री सुनील गुप्ता को प्राथमिक जाँच पर रामलाल पाटीदार की शिकायत सही प्रतीत होने से उन्होंने आंचलिंक प्रबंधक श्री पी०डी० उपाध्ये को दिनांक 21.02.2010 को उनकी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। श्री पी०डी० उपाध्ये ने श्री सुनील गुप्ता को रतलाम शाखा के के०सी०सी० खातों की जांच करने का लिखित आदेश दिया जिसके पालन में उन्होंने उनके सहयोगी श्री रविन्द्र कुमार सिरोडिया के साथ दिनांक 15,16, एवं 23 मार्च 2010 को बैंक आफ इंडिया की रतलाम शाखा ग्राम भदवासा, धामनोद एवं ईसरथुनी में जांच की। बैंक शाखा के 110 के.सी.सी. फाईलों का परीक्षण किया और उनमें संलग्न भू-रिकार्ड का राजस्व विभाग के वेबसाइड डच् इीनंइीपसमाीण्दपबण्पद से मिलानं किया। 23 मार्च 2010 को वह तहसीलदार रतलाम श्री राजकुमार हलधर से मिले और संदिग्ध लोन प्रकरणों से संबंधित किसानों की कृषि भूमि के सत्यापन हेतु सूची. ऋण पुस्तिका और खसरा बी-1 की छायाप्रतियों उन्हें दी। तहसीलदार से जांच रिपोर्ट प्राप्त करके उन्होंने उनकी जांच रिपोर्ट दिनांक 24.04.10 को श्री उपाध्यये को सौपी। जांच में पाए गये तथ्यों के अनुसार (1) शांतिलाल पिता बगदीराम धाकड नि० ईसरथुनी ने 10.770 हे० कृषि भूमि बताकर 6.00 लाख रुपये का बैंक ऋण प्राप्त किया, जबकि उसके पास मात्र 02 हे०कृषि भूमि थी (2) अनोखेलाल पिता चंपालाल पाटीदार निवासी धामनोद भूम्मिहीन है किन्तु उसने 13.71 हेक्टयर कृषि भूमि बता कर 8 लाख रूपए का ऋण प्राप्त किया। (3) दशरथ पिता लक्ष्मीनारायण पाटीदार भूमिहीन है किन्तु उसने 9.631 हेक्ट. भूमि बताकर 7 लाख रूपए का ऋण प्राप्त किया। मुकेश पिता चतुर्भुज पाटीदार निवासी कुआंझागर भूमिहीन है, किन्तु उसने 13.932 हे० भूमि बताकर 8.00 ऋण प्राप्त किया (5) कचरु लाल पित्ता ईश्वरलाल धाकड़ निवासी ईसरथुनी ने 8.870 है० के स्थान पर भूमि 10.820 बताकर 7.00 लाख रु. का ऋण प्राप्त किया (6) रामलाल पिता भैरुलाल पाटीदार निवासी भदवासा हे० 7.670 हे० भूमि बताकर 4.00 लाख का ऋण प्राप्त किया (7) किशन पिता गिरधारी राजपूत झर द्वारा 0.810 है० की जगह 9.905 हे० भूमि बताकर 6.00 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। (8) डूंगरसिह लालसिंह निवासी रत्तागढ़खेडा भूमिहीन हैं, किन्तु उसने 4.250 हे० भूमि बताकर 2.60 लाख रु. हा ऋण किया (9) मोहन लाल पिता नरसिंह निवासी लपटिया ने 2.560 है० की जगह 7.360 हे० भूमि बताकर 4.25 लाख का ऋण लिया (10) औंकार लाल पिता भैरुलाल कुम्हार नि० खोखारा ने 1.340 हे० की जगह 10.440 हे० बताकर 6.00 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया (11) मनोज पिता रामनारायण सोलंकी निवासी पलसोडा भूमिहीन है, किन्तु उसने 6.01 हे० कृषि भूमि बताकर 4.00 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया है। (12) हरीश पिता मुकेश पाटीदार नि० कुआंझागर भूमिहीन है, किन्तु उसने 10.230 हेक्टेयर भूमि बताकर 7.00 लाख रुपये का बैंक ऋण 8.00 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कियापूलाव) मदन लाल पिता भरत लाल पाटीदार निवासी धामनोद भूमिहीन है, प्राप्त किया है (13) महेशचन्द्र पिता बापूलाल पाटीदार निवासी धामनोद भूमिहीन है, किन्तु 11.520 हे० भूमि बताकर 8 लाख रूपए का ऋण प्राप्त किया। (14) मदनलाल पिता भरतलाल पाटीदार निवासी धामनोद द्वारा भूमिहीन होकर उसने 11.610 हे0 कृषि भूमि बताकर 8.00 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया (15) बापू सिंह पिता उमराव सिंह एवं प्रेमबाई निवासी घटवास द्वारा 1.010 हे कृषि भूमि बताकर 80,000/- रुपये का ऋण प्राप्त किया, जबकि उक्त भूमि शारदाबाई के नाम पर है (16) इंदरसिंह पिता चेन सिहं निवासी धराड ने 1.700 हे0 कृषि भूमि पर 1.25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, खसरा बी-1 निर्धारित सी.एल.आर. प्रारुप में नहीं हैं (17) ममता कुँवर पति निर्मल सिंह एवं गहना कुँवर पति जुवान सिहं निवासी नायन ने 1.200 हे० कृषि भूमि बताकर 75,000/- रुपये का ऋण प्राप्त किया, जबकि उक्त भूमि ग्राम नायन में न होकर ग्राम बडोदिया में स्थित हैं। (18) भंवर लाल पिता रघुनाथ जाट निवासी सुराना ने 1.950 हे० भूमि बताकर 1.40 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, खसरा वी.-1 सी.एल.आर. प्रारुप में नहीं है (19) तोला राम पिता मांगू भील, रमेश पिता मांगू भील एवं जमना बाई पति मांगू भील निवासी पलसोडा ने 1.350 है० भूमि बताकर 80,000/- रुपये का ऋण प्राप्त किया खसरा बी-1 सी.एल.आर. प्रारुप में नहीं है (20) गणपत पिता पूना कुमार एवं दशरथ लाल गणपत कुमार निवासी खोखरा ने 2.850 हे० भूमि पर 1.80 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, दस्तावेज कूटरचित है एवं खसरा बी-1, सी.एल.आर. प्रारुप में नहीं है (21) बापूलाल पिता चंपालाल जाट निवासी सैंदला ने 2 हे० कृषि भूमि पर 1.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, खसरा बी-1 निर्धारित सी.एल.आर. प्रारुप में नहीं है (22) उदय सिहं पिता जय सिंह राजपूत एवं चोक सिंह पिता उदय सिंह राजपूत निवासी उदयपुरा ने 5.370 हे० भूमि बताकर 3.80 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया दस्तावेज निर्धारित सी.एल.आर. प्रारूप में नहीं है (23) बन्नालाल पिता मोतीलाल जाट निवासी लपटिया ने 2.190 हे0 कृषि भूमि बताकर 1.75 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, खसरा बी-1 सी.एल.आर. प्रारुप में नही है (24) कलाबाई पति मनोहर लाल एवं विरेन्द्र पिता मनोहर लाल ब्राम्हण निवासी सीखेड़ी ने 8.580 हे० भूमि बताकर 4.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, जबकि उसके पास 6.540 हेक्ट कृषिभूमि थी (25) हमीर सिंह पिता नरेन्द्र सिंह राजपूत निवासी नामली ने 3.02 हे० भूमि बताकर 1.80 लाख रुपये ऋण प्राप्त किया। खसरा बी-1 निर्धारित सी.एल.आर. प्रारुप में नही है (26) राजाराम पिता पूंजा भील निवासी सरवड ने 5.020 हे0 कृषि भूमि बताकर 2.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, खसरा वी.-1 सी०एल०आर० प्रारुप में नही है। (27) श्रीमती धापूवाई पत्ति हीरा लाल राठौर निवासी पलसोडा ने 2.360 हे० कृषि भूमि बताकर 1.60 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया जबकि उसकी ऋणपुस्तिका क्रमांक 37709 कूटरचित थी। उपरोक्त सभी ऋणगृहितओं के भूमि संबंधी दस्तावेजों की जाँच तथा ऋण स्वीकृति पूर्व का निरीक्षण किए बिना तत्कालीन बैक मैनेजर ब्रदीलाल पाटीदार ने ऋण स्वीकृत किए। यह कार्य उन्होने एजेण्ट राधेश्याम पाटीदार निवासी प्रीतम नगर के प्रभाव में आकर यंत्रवत बैंक के नियमों के विपरीत किया है। राधेश्याम पाटीदार के सहयोगी रामाभील निवासी कुंडला, विनोद पाठक स्वराज टेक्टर एजेन्सी रतलाम, रमेश पंडित आदि है। बैंक के अधिकृत पैनल वकील नरेन्द्रसिंह राठौर एवं नरेन्द्रसिहं चोखड़ा द्वारा जो सर्च रिपोर्ट (टायटल रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है वे सही नहीं है। एडव्होकेट एवं नोटरी सरवर अली जैदी और कैलाश शर्मा द्वारा नियमानुसार सही तथ्यों पर आधारित शपथपत्र नही बनाए गए है कुछ शपथ पत्रों पर ऋणगृहीताओं और पहचानकर्ताओं के हस्ताक्षर/निशानी अंगूठा नहीं कराये गये है कुछ लोन प्रकरणों में बैंक शाखा रतलाम में पदस्थ तत्कालीन शाखा प्रबंधक दिलीपकुमार मेहता ने भी बैंक के नियम कायदो की अनदेखी कर आँख मूंदकर अनुशंसा की है। जाँच के दौरान आंचलिक कार्यालय उज्जैन के पत्र क० 228 दि० 01ः09.10. 244 दि० 15.09.10 एवं 519 दि० 05.02.2011 द्वारा भेजे गये समस्त दस्तावेजों के अध्ययन व मनन तथा साक्षीगण सर्वश्री सुनील कुमार गुप्ता पिता हरप्रसाद गुप्ता निवासी बी-246, विवेकानंद कॉलोनी, उज्जैन रमेशचन्द्र पिता रणछोड़ जी गेहलोत निवासी रत्नेश्वर रोड शिवधाम कॉलोनी, रतलाम, कैलाश पिता नंदरामजी गेहलोत निवासी बी- 201, जवाहर नगर, रतलाम, मदन लाल पिता अम्बालाल कटारिया निवासी 64 खातीपुरा, रतलाम, कन्नूखाँ पिता नसीर मोहम्मद खाँ निवासौ ए-12 गफूर उस्ताद गोयल अपार्टमेंट रतलाम, सूर्यप्रकाश पिता ईश्वर लाल दवे निवासी -29, पैलेस रोड, रतलाम, इफ्तेखार पिता उजेर अहमद निवासी-23, राजेन्द्र नगर, गौशाला रोड, रतलाम अरुण पिता लक्ष्मी नारायण माहेश्वरी निवासी 553, काटजू नगर सैलाना रोड, रतलाम और श्रीमती शैलजा पति श्री विनायके रत्नपारखी निवासी- 165, इन्द्रलोक नगर, रतलाम के कथनों में आई साक्ष्य के आधार पर उक्त सभी ऋणगृहीतां कृषकगण, तत्कालीन बैंक मैनेजर बी० एल० पाटीदार, शाखा प्रबंधक दिलीपकुमार मेहता, एडव्होकेट वय नरेन्द्र सिंह राठौड एवं नरेन्द्र सिंह चोखडा, एडव्होकेट एवं नोटरी द्वय सरवर अली जैदी एवं कैलाश शर्मा, एजेन्ट राधेश्याम पाटीदार एवं उसके सहयोगीगण रामा भील, विनोद पाठक, रमेश पंडित आदि पर प्रथम दृष्टया बैंक ऑफ इण्डिया शाखा रतलाम से फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी कर के०सी०सी० ऋण स्वीकृत करने व कराने तथा प्राप्त करने और पद का दुरुपयोग करके शासन को अवैध हानि तथा स्वयं तथा अन्य आरोपीगणों को अवैध लाभ पहुँचाने के आरोप प्रमाणित पाये जाने से धारा 420,467,468,471,34,120बी भा०द०वि० एवं 13 (1)डी, 13(2) भ्र०नि०अधि० 1988 के अंतर्गत्त प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपीगण के विरूद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई इन्दौर द्वारा अभियोग पत्र आरोपीगण ब्रदीलाल पाटीदार, दिलीप कुमार मेहता, नरेन्द्र चोखडा, नरेन्द्रसिंह, मुकेश, कचरूलाल, किशनलाल, शांतिलाल, डुंगरसिंह, रामलाल, राधेश्याम, ओंकारलाल, मनोज, अनोखीलाल, दशरथ, महेश, मदनलाल, बापूसिंह, प्रेमबाई, इंदरसिंह, ममताकुंवर, गहनाकुंवर, भवंरलाल, तोलाराम, रमेश, जमनाबाई, गणपतलाल, दशरथलाल, बापूलाल, उदयसिंह, चौकसिंह, धन्नालाल, कलावतीबाई, विरेन्द्र, हमीरसिंह, राजाराम और धापूबाई, सरवर अली जैदी एवं कैलाश शर्मा के विरूद्ध अभियोग पत्र विशेष न्यायालय रतलाम में प्रस्तुत किया गया था। जिसमें विचारण उपरांत विशेष न्यायालय रतलाम द्वारा मुख्यआरोपी ब्रदीलाल पाटीदार,तत्कालीन बैंक प्रबंधक,बैंक ऑफ इण्डिया,बजाजखाना शाखा, रतलाम एवं सहआरोपी दिलीप मेहता, तत्कालीन लोन प्रबंधक, बैंक ऑफ इण्डिया, बजाजखाना शाखा, रतलाम को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) में 2-2 वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपयें जुमार्ना तथा धारा 420, 120बी भादवि में में 2-2 वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपयें जुमार्न से दंडित किया गया। प्रकरण में के.सी.सी. लोन प्राप्त करने वाले 14 अपात्र कृषको मनोज पिता रामनारायण, हरिश पिता मुकेश, अनोखीलाल पिता चंपालाल, दशरथ पिता लक्ष्मीनारायण, प्रेमबाई पति उमरावसिंह, कचरुलाल पिता हीरालाल, किशनलाल पिता गिरधारीलाल, मोहनलाल पिता नरसिंह, विरेन्द्र पिता मनोहरलाल, शांतिलाल पिता बगदीराम, उंकारलाल पिता भेरुलाल, महेश पिता बाबुलाल, मदनलाल पिता भरतलाल तथा, दशरथ पिता गणपतलाल को धारा धारा 420 भादवि में में 2-2 वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपयें जुमार्न से दंडित किया गया व धारा 467,468, 471 भादवि में 3-3 वर्ष का कारावास एवं एक-एक हजार रुपयें जुमार्न से दंडित किया गया एवं शेष आरोपीगण को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री कृष्णकांत चौहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के द्वारा की गई है।

न्यायालय – न्यायालय श्रीमान् संजीव कटारे साहब,
विशेष न्यायाधीश महोदय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988) रतलाम जिला रतलाम म.प्र.
पैरवीकर्ता – कृष्णकांत चौहान, विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम),/एडीपीआ,े
जिला रतलाम

आरोपीगण

  1. मुख्यआरोपी ब्रदीलाल पाटीदार,तत्कालीन बैंक प्रबंधक,बैंक ऑफ इण्डिया,बजाजखाना शाखा, रतलाम।
  2. सहआरोपी दिलीप मेहता, तत्कालीन लोन प्रबंधक, बैंक ऑफ इण्डिया, बजाजखाना शाखा, रतलाम।
  3. एडव्होकेट नरेन्द्र सिंह राठौर, बैंक ऑफ इण्डिया के अधिकृत अधिवक्ता।
  4. एडव्होकेट नरेन्द्र सिंह चोखडा, बैंक ऑफ इण्डिया के अधिकृत अधिवक्ता।
  5. एडव्होकेट कैलाश शर्मा, नोटरीकर्ता।
  6. एडव्होकेट सरवर अली जैदी, नोटरीकर्ता।
  7. कृषक दशरथ पिता गणपलाल कुम्हार निवासी ग्राम खोखरा, जिला रतलाम।
  8. मदनलाल पिता भरतलाल पाटीदार, निवासी ग्राम धामनोद जिला रतलाम,
  9. महेश पिता बापू पाटीदार निवासी ग्राम धामनोद जिला रतलाम,
  10. दशरथ पिता लक्ष्मीनारायण निवासी ग्राम धामनोद जिला रतलाम
  11. मुकेश पिता चर्तुभुज निवासी कुआझागर जिला रतलाम,
  12. हरिश पिता मुकेश पाटीदार निवासी ग्राम कुआझागर जिला रतलाम,
  13. विरेन्द्र पिता मनोहरलाल ग्राम सिखेडी जिला रतलाम
  14. हमीरसिंह पिता नरेन्द्रसिंह राजपुत निवासी ग्राम नामली तहसील एवं जिला रतलाम,
  15. शांतिलाल पिता बगदीराम धाकड निवासी ग्राम इसरथुनी जिला रतलाम,
  16. चौकसिंह पिता उदयसिंह निवासी ग्राम नयापुरा, तहसील एवं जिला रतलाम,
  17. किशनलाल पिता गिरधारी निवासी ग्राम झर जिला रतलाम,
  18. प्रेमबाई पति उमरावसिंह निवासी घटवास जिला रतलाम
  19. ममताकुंवर पति निर्मलसिंह निवासी ग्राम नायन, जिला रतलाम ,
  20. कचरूलाल पिता हिरालाल धाकड, निवासी ग्राम इसरथुनी ,
  21. इन्दरसिंह पिता चैनसिंह निवासी ग्राम धराड, जिला रतलाम
  22. मनोज पिता रामनारायण सौलंकी निवासी ग्राम पलसोडा जिला रतलाम,
  23. राजाराम पिता पूजां भील निवासी ग्राम सरवड तहसील एवं जिला रतलाम,
  24. औंकारलाल पिता भेरूलाल कुम्हार, निवासी ग्राम खोखरा जिला रतलाम,
  25. मोहनलाल पिता नरसिंह निवासी ग्राम लकटिया जिला रतलाम,
  26. रमेश पिता मांगु निवासी ग्राम पलसोडी जिला रतलाम
  27. बापूलाल पिता चम्पालाल निवासी ग्राम झर तहसील एवं जिला रतलाम ,
  28. भंवरलाल पिता रूघुनाथ निवासी ग्राम सुराना जिला रतलाम
  29. धन्नालाल पिता मोतीलाल जाट निवासी ग्राम लकतिया तहसील एवं जिला रतलाम,
  30. जमनाबाई पति मांगु निवासी ग्राम पलसोडी, जिला रतलाम
  31. तोलाराम पिता मांगु निवासी ग्राम पलसोडी जिला रतलाम,
  32. अनोखीलाल पिता चम्पालाल पाटीदार निवासी ग्राम धामनोद जिला रतलाम,
  33. गहनाकुंवर पति जुवानसिंह निवासी ग्राम नायन जिला रतलाम