निमित से कुछ नहीं होता ओर निमित्त की बिना भी कुछ नहीं होता

आत्मा ही अपने कर्मों की कर्ता है और आत्मा ही अपने कर्मों की भोगता है

रतलाम। जैन सोश्यल ग्रुप रतलाम ग्रेटर यूथ एलीट के संयुक्त तत्वाधान में चार दिवसीय संस्कार शिविर दो सेशन में आयोजित किया गया । प्रातःकालीन सेशन में स्वयं की खोज विषय पर प्रकाश डाला गया । दोपहर के सेशन में नारी महान क्यों विषय पर समझाइश दी गई । सर्वप्रथम मनीष कोठारी निलेश गोधा प्रियेश चपरोट ने अपनी सुंदर आवाज के जरिए प्रभु भक्ति से सभी शिविरार्थियों को मंत्र मुग्ध कर दिया।
पूज्य श्री संवेग निधि जी म.सा. तथा पूज्य शाश्वत प्रिया जी ने अपने वाणी में फरमाया कि जिन दर्शन से निज दर्शन की प्राप्ति होती है और वहीं ज्ञान दर्शन है। आपने फरमाया कि मिथ्यात्व को छोड़ो और सम्यकत्व से नाता जोड़ो क्योंकि मुक्ति के मार्ग की प्रथम सीढ़ी सम्यकत्व है। B से लेकर D तक के शब्दों में B यानी बर्थ ओर D यानी डेथ इस दोनों के बीच जो शब्द है वो है C यानी चॉइस। हम अपनी चॉइस धर्म मार्ग पर लगाएंगे तब ही आत्मा के स्वभाव को जान पाएंगे। आपने कहा कि आत्मा ओर शरीर एक दूसरे के पड़ोसी है जिनका मात्र एक भव का संबंध होता है आत्मा अजर अमर होती है। शिविर में एक दिन का सम्पूर्ण लाभ सुश्रावक श्री ओ सी जैन सा ने लिया । ललित जी कांठेड़ ने शिविरार्थियों को किट प्रदान की । सभी का अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर ग्रेटर अध्यक्ष संदीप चौरड़िया, यूथ अध्यक्ष राहुल छाजेड़, एलीट अध्यक्ष पुनीत चोरड़िया शिविर संयोजक संजय चपरोट,वैभव रांका, प्रतीक गांधी,यशवन्त पावेचा,प्रमोद धींग, अभय लोढ़ा, नवदीप मूणत, प्रक्षाल सेठ, पुनीत गादीया सहित समस्त जैन सोश्यल ग्रुप रतलाम परिवार अपनी पूरी टीम के साथ उपस्थित थे।

Play sound