रतलाम में दीक्षार्थियों की भव्य रथयात्रा एवं धर्म सभा

रतलाम। पालीताणा तीर्थ पर होने जा रही दीक्षा से पूर्व रतलाम में आज दीक्षार्थियों की भव्य रथयात्रा निकाली गई। पूरे नगर में “दीक्षार्थी अमर रहें” के जयकारों से गूंजते वातावरण में श्रद्धा और भावनाओं की अद्भुत छटा देखने को मिली। रथयात्रा के पश्चात आयोजित धर्मसभा में जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ श्रीसंघ द्वारा दीक्षार्थियों का सम्मान किया गया। प्रातः 9:30 बजे त्रिपोलिया गेट स्थित आनंद भवन उपाश्रय से प.पू. संस्कार निधि जी म.सा. आदि ठाणा-4 की निश्रा में रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। बैंड-बाजे के साथ श्रद्धा और उत्साहपूर्वक निकली इस यात्रा में छह दीक्षार्थी पुण्यात्माएँ —
दिनेशजी काकरिया, विधानजी काकरिया, अनामिका जी काकरिया, सविता बहन बोहरा, हर्षा बहन काकरिया एवं मुस्कान बहन सेठिया — रथ पर सवार थीं।रथयात्रा चांदनी चौक, धान मंडी, डालूमाती बाजार, घास बाजार, चौमूकी पुल, मोती पूज्यजी मंदिर मार्ग से होती हुई फूल कुंवरबाई उपाश्रय पहुंची, जहां धर्मसभा का आयोजन हुआ।
सभा में सर्वप्रथम पालीताणा में दीक्षा लेने जा रहे दीक्षार्थियों के साथ-साथ रतलाम में स्थानकवासी संप्रदाय की दीक्षार्थी अंजलि भंडारी (पिता महेंद्र भंडारी) का भी भावपूर्वक बहुमान किया गया।सम्मानकर्ताओं में श्रीसंघ अध्यक्ष अशोक चोपड़ा, मनोहर छाजेड़, कांतिलाल चोपड़ा, मनसुख चोपड़ा, विक्रमसिंह कोठारी, राजेंद्र कोठारी, लोकेश लालन, महेंद्र चोपड़ा, पूनमचंद धारीवाल, शिंटू पावैचा, राजेंद्र कावड़िया आदि शामिल थे।
युवा संघ की ओर से कपिल सुराणा, अमित नाहटा, मनीष लालन, राहुल छाजेड़, गौरव लालन, रौनक कोठारी, अमित श्रीमाल,महिला मंडल की ओर से मधु चोपड़ा, सारिका सकलेचा, स्नेहलता लालन, शकुंतला पारख, तेजा चोपड़ा तथा बहु मंडल की ओर से भारती चोरडिया, रेणु लालन, दीपा कोठारी, नीलू सोनी, प्रीति लालन, ममता चोपड़ा, मनीषा चोपड़ा आदि ने सभी दीक्षार्थियों एवं उनके परिवारजनों का भावपूर्ण बहुमान किया।
दीक्षार्थियों ने अपने उद्बोधन में संयम मार्ग की प्रेरणा, आत्मिक अनुभवों एवं पालीताणा दीक्षा में पधारने का निमंत्रण उपस्थित श्रद्धालुओं को दिया।

प.पू. संस्कार निधि जी म.सा. ने धर्मसभा में कहा —
“चौमासा में जो धर्म का बीजारोपण किया गया है, यदि उसका पालन हम जीवन में करें, तो वही हमारा चौमासा सफल कहलाएगा।”
उन्होंने युवा संघ की धार्मिक गतिविधियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर जारी रखने की प्रेरणा दी।

निर्वेद निधि जी म.सा. ने कहा —
“जहां इच्छाओं का अंत होता है, वहीं संयम की शुरुआत होती है। अब अपने पुरुषार्थ को परमात्मा एवं गुरु के समर्पण में लगाइए, ताकि आपकी संयम यात्रा सफल हो।”

कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति रही —

तपागच्छ श्रीसंघ से विनोद मुणत, त्रिस्तुति श्रीसंघ से फतेहलाल कोठारी, आराधना श्रीसंघ से हिम्मत गैलडा, बिबडोद श्रीसंघ से लालचंद सुराणा, साधुमार्गी श्रीसंघ से कांतिलाल छाजेड़, चंद्रवीर परिवार से अमृत जैन आदि की।

श्रीसंघ द्वारा अनुकंपा दान के अंतर्गत मिठाई वितरण एवं किया गया। श्री संघ द्वारा भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। प्रभावना का लाभ श्री अशोक चोपड़ा परिवार द्वारा लिया गया। नगर के प्रथम नागरिक महापौर प्रहलाद पटेल भी फूल कुंवरबाई उपाश्रय पधारकर प.पू. संस्कार निधि जी म.सा. से आशीर्वचन प्राप्त किए तथा दीक्षार्थियों एवं समाजजनों से स्नेहपूर्वक रूबरू हुए।
अंत में श्रीसंघ के सदस्यों ने प.पू. संस्कार निधि जी म.सा. आदि ठाणा-4 को नम आंखों से विदाई दी। कार्यक्रम में कांतिलाल चोपड़ा ने म.सा. के वर्षावास काल की प्रमुख घटनाओं व गतिविधियों का उल्लेख किया, जबकि राहुल छाजेड़ और विक्रमसिंह कोठारी ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम का संचालन हेमंत बोथरा ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्रीसंघ अध्यक्ष अशोक चोपड़ा द्वारा किया गया।