लाश को ठिकाने लगाने में सहयोगी पिता को 5 वर्ष का कठोर कारावास
रतलाम । चरित्र शंका में अपनी पत्नि की गला घोटकर हत्या करने वाले आरोपी कय्यूम पिता नबी खॉ उम्र 24 वर्ष नि. दशहरा मैदान विक्रमगढ आलोट को आजीवन कारावास एवं सहयोगी पिता नबी खॉ पिता एहमद खॉ उम्र 45 वर्ष नि. दशहरा मैदान विक्रमगढ आलोट जिला रतलाम को लाश ठिकाने लगाने के आरोप में 5 वर्ष के कठोर कारावास के दंड से न्यायालय श्री दयाराम कुमरे, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोट जिला रतलाम (म.प्र.) ने दंडित किया है। उक्त मामले की सफल पैरवी श्री हेमेन्द्र कुमार गोयल, अपर लोक अभियोजक आलोट जिला रतलाम ने की है ।
घटना का संक्षिप्त विवरण
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी शिव मनावरे ने बताया कि दिनांक 16.01.2018 को कय्यूम पिता नबी खॉ उम्र 24 वर्ष निवासी दशहरा मैदान विक्रमगढ आलोट ने थाना आलोट पर उपस्थित होकर अपनी पत्नि शकीला के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज करवायी थी। थाना आलोट पर कय्यूम के बताये अनुसार उसकी पत्नि शकीला की गुमशुदगी क्रं. 02/2018 पर दर्ज कर गुम शकीला की खोजबीन और उसे ढुंढने का कार्य एवं जॉच पुलिस द्वारा प्रारंभ की गयी। इस दौरान दिनांक 19.01.2018 को पुलिस को शंका होने पर शकीला के पति कय्यूम से कडी् पुछताछ करने पर उसने बताया कि चरित्र शंका को लेकर दिनांक 15.01.2018 को रात्रि 11-12 बजे के बीच घर के अंदर उसने शकीला का गला दबाकर मार डाला। उसके बाद यह बात मैंने अपने पिता नबी खॉ को बताई इस पर मेरे पिता बोले कि घबराने की जरूरत नही है शकीला की लाश कही छुपा देते है। इसके बाद मैंने शकीला के शव को काले कम्बल के अंदर लपेटकर उपर से रस्सी से बांध दिया फिर मेरे पिता ने शकीला के शव को अपने कंधे पर उठाया और मैंने घर के अंदर से लोहे की सब्बल ली और घर के बाहर की लाईट बंद कर अंधेरा कर पिता के साथ शकीला की लाश को ठिकाने लगाने निकले। आधे रास्ते मे जाकर पिता से शकीला की लाश मैंने अपने कंधे पर उठाई और पिता को सब्बल दी । दुधिया रोड शमशान के पास अमजद मेव के खेत के पास नाले मे मैंने और मेरे पिता ने सब्बल से गड्डा खोदकर उसमे शकीला के शव को गाडकर छुपा दिया।
उक्त जानकारी पर से पुलिस द्वारा शकीला का शव खुदवाकर निकलवाया गया व लिखापढी कर मर्ग दर्ज किया जाकर मृतका शकीला के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृतिका शकीला की मृत्यू गला घोटने से सॉस रूकने के कारण होना पायी गयी। पुलिस थाना आलोट द्वारा आरोपी कय्यूम व साक्ष्य छुपाने में साथ देने वाले उसके पिता नबी खां के विरूद्ध धारा 302, 201 भादवि में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
विवेचना में आवश्यक साक्ष्य संकलित कर दोनो आरोपीगणों के विरूद्ध अभियोग पत्र तैयार कर दिनांक 02.04.2018 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुए अपने निर्णय दिनांक 27.02.2021 को अभियुक्?त कय्यूम को अपनी पत्नि शकीला की गला घोटकर हत्या कारित करने के अपराध में दोषसिद्ध पाते हुए धारा 302 भादवि में सश्रम आजीवन कारावास एवं रू 10000/- अर्थंदंड तथा अपनी पत्नि की लाश छिपाने के अपराध में धारा 201 भादवि में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं रू. 5000/- अर्थदंड तथा अभियुक्त नबी खॉ को अपनी बहू की लाश छुपाने में सहयोग करने में धारा 201 भादवि में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं रू. 5000/- अर्थदंड से दण्डित किया गया।
प्रकरण को राज्य शासन द्वारा जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी में चिन्हित किया गया था जिसकी सतत् निगरानी एवं पर्यवेक्षण पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी द्वारा की जा रही थी। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री हेमेन्द्र कुमार गोयल अपर लोक अभियोजक आलोट जिला रतलाम द्वारा की गयी।