
रतलाम। आज भील समाज ने महान सूर्य क्रांति भगवान बिरसा मुंडा चौराहा ग्राम मोरवानी में बिरसा मुंडा जयंती हर्षोउल्लास के साथ मनाई गई। आदिवासी एकता परिषद, अखिल भारतीय भील समाज, जय आदिवासी युवा शक्ति, आदिवासी छात्र संगठन ,वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था रतलाम, महाराणा पुंजा भील जनकल्याण संगठन रतलाम ,मध्य प्रदेश अजाक्स एवं समस्त सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान बिरसा मुंडा जयंती श्रद्धा पूर्वक महापर्व के रूप में मनाई गई । सर्वप्रथम महान वीर महापुरुष बिरसा मुंडा ,टंट्याभील,डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए ।
सभी अतिथियों ने सूर्य क्रांति भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, जीवन पथ ,गौरव गाथा ,पद चिन्ह ,पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान बिरसा का झारखंड खूंटी में जन्म 15 नवंबर 1875 को हुआ तथा शहिद 9 जून 1900 को हुए। जिन्होंने महज 25 वर्ष की आयु में अंग्रेजों से लोहा लेकर लड़ाई लड़कर आदिवासी समाज को जल, जंगल ,जमीन ,प्रकृति एवं पर्यावरण तथा संवैधानिक अधिकार का संरक्षण किया और गोरिल्ला युद्ध अंग्रेजों से लड़कर जीता। ऐसे महान जननायक भगवान बिरसा ने 1895 में लगान माफी के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया था । इसलिए उन्हें गिरफ्तार करके 2 साल के लिए जेल में डाल दिया गया। 9 जून सन 1900 में उन्हें रहस्यमई हालत में झारखंड रांची जेल में उनकी मौत हुई। ऐसे भगवान बिरसा ने आदिवासी समाज को प्रेरणादायक मार्ग बताकर बहुमूल्य योगदान देकर अपने प्राणों की आहुति दी गई । जिनकी गौरव गाथा आज देश दुनिया में मानी जा रही ह तथा इस अवसर पर नारी शक्ति श्रीमती गीताबाई सरपंच,कमलाबाई, मोहन बाई, का गुलदस्ता भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमती गीताबाई भाभर (सरपंच) ग्राम पंचायत मोरवानी, श्रीमती कमलाबाई, श्रीमती मोहन बाई, सोहनलाल नायक, नागजी भाभर, विशेष अतिथि जमील खान सचिव (ग्राम पंचायत मोरवानी) सम्मान बृजमोहन पांडे लाइनमैन साहब, विष्णु सिंगड़, किशोर पाटीदार ,लोकेंद्र सिंह हाडा, बाबूलाल गरवाल, आसाराम सिंगार ,दिनेश गरवाल ,रमेश गरवाल ,बाबूलाल गरवाल, सुकन्ती बाई भाभर, मागुड़ी बाई डांगी, राजू सिंगार , मंनजी डांगी भंवरलाल भाभर ,रंजीत सिंगार, दिनेश भाबर एवं समाजसेवी सूरतलालडामर आदि बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।