48 मिनिट कि सामायिक से 18 पापों का त्याग, आठ कर्मो का क्षय और समभाव की प्राप्ती होती है

जावरा ( अभय सुराणा) । धन क्षणिक सुख देता है पर छ: काया के जीवों को अभयदान देने वाली सामायिक अनंत सुख देती है । 48 मिनिट कि सामायिक से 18 पापों का त्याग, आठ कर्मो का क्षय,और समभाव की प्राप्ती होती है । 8कर्म कैसे क्षय होते है वह क्षय सामायिक में स्वाध्याय, ज्ञान-ध्यान फेरने या प्रवचन सुनने से ज्ञान-दर्शन बढ़ता है और ज्ञानावरणीय एवं दर्शनावरणीय कर्म का क्षय होता है 48 मिनिट तक सभी जीवों को अभयदान देने से सातावेदनीय कर्म का बंध और असातावेदनीय कर्मों का क्षय होता है। समभावों में रमण करने से मोहनीय कर्म की निर्जरा होती है। सामायिक में मन में दया भाव रहता है उस समय आयुष्य कर्म का बंध हुआ तो जीव देवलोक में जाता है। सामायिक में मन की सरलता होती है इसलिए शुभ नाम कर्म का बंध होता है सामायिक में उच्च गोत्र का बंध ही होता है। सामायिक में किसी को भी अंतराय नहीं देते हैं इसलिए अंतराय कर्म का क्षय होता है।
इसलिए दिल में ठान लें कि जैन दिवाकर श्री चौथमल जी म सा के अनुयायी स्थानकवासी परंपरा श्रमण संघ के सबसे वरिष्ठ संत शताब्दी नायक दिवाकर शासन शिरोमणि उपाध्याय श्री मुलमुनी जी म सा के 99 वर्ष की आयु एवं 82 वर्ष के संयम दिवस हम सबके लिये एक प्रेरणा है कि ऐसे बिरले संत भगवान स्वरुप होते हैं आप श्री वर्तमान मै कोटा राजस्थान मे विराजीत है आप इतनें आयु पर्याय के पश्चात भी स्वाध्याय धर्म आराधना के पथ पर दिनभर अग्रसर रहतें है ऐसे उपाध्याय श्री मुलमुनी जी म सा के 82 वें दिक्षा दिवस 3 मार्च 2921 बुधवार को एक पर्व के रुप में पुरे भारतवर्ष मै 82001 सामुहिक सामायीक दिवस के साथ श्रमण संघीय चतुर्थ पट्धर ध्यान योगी आचार्य डॉ शिवमुनी जी म सा, युवाचार्य श्री महेन्द्रऋषी म सा, श्रमण संघीय सलाहकार श्री सुरेश मुनी जी म सा शास्त्री, श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री विजय मुनी जी म सा, उपप्रवर्तक पंडित श्री प्रदीप मुनी जी म सा, श्रमण संघीय मंत्री राष्ट्रसंत श्री कमल मुनी जी म सा, उपप्रवर्तक श्री गौतम मुनी जी म सा, उपप्रवर्तक श्री अरुण मुनी जी म सा, उपप्रवर्तक डाॅ सुभाष मुनी जी म सा, क्रियानिष्ठ संथारा विशेषज्ञ श्री धर्ममुनी जी म सा, श्री वीरेन्द्र मुनी जी म सा, उपप्रवर्तक श्री चंद्रेश मुनी जी म सा, संस्कार मंच प्रणेता श्री सिद्धार्थ मुनी जी म सा, प्रवर्तनी चंदना जी म सा, उपप्रवर्तनी श्री सत्यसाधना जी म सा, उपप्रवर्तनी श्री शांताकुवर जी म सा, उपप्रवर्तनी डां सुशील जी म सा, महासती श्री कंचन कुंवर जी म सा, महासती श्री जय श्रीजी म सा, महासती श्री कुमुदलता जी म सा महासती श्री संयमलता जी म सा, महासती अर्चना जी म सा मीरा, महासती डा मधुबाला जी म सा, महासती श्री चारुप्रज्ञा जी म सा, महासती श्री प्रतिभा जी म सा, महासती श्यामा जी म सा, महासती श्री चंद्रकला जी म सा आदी समस्त श्रमण संघीय साधु साध्वी के पावन सानिध्य में पुरे भारतवर्ष मै श्री आल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कांफ्रेंस नईदिल्ली, अ भा जैन दिवाकर संगठन समिति, अ भा जैन दिवाकर भगवान महावीर अंहिसा संघ, अ भा जैन दिवाकर मंच नईदिल्ली, जैन संस्कार मंच ,एवं उपाध्याय श्री मुलमुनी जी म सा शताब्दी समारोह समिति के तत्वावधान में पूरे भारतवर्ष मै दिक्षा दिवस सामूहिक सामायीक दिवस के रुप मै मनाया जा रहाँ है । उक्त जानकारी देते हुए जैन कांफ्रेंस युवा शाखा नईदिल्ली के राष्ट्रीय मंत्री संदीप रांका ने बताया कि सभी गुरुभंगवतो के पावन सानिध्य मै ज्यादा से ज्यादा सामायीक करें एवं दूसरों को भी इसके लिये प्रेरित करतें हुए दलाली कर इस आयाम को सफल बनाते हुए सामायीक कर अपनें अपनें कर्मों का क्षय करें ।
उक्त सामायीक दिवस पर ज्यादा से ज्यादा सामायीक करनें कि अपिल जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस जैन मोदी , महामंत्री शशिकुमार कर्नावट, युवा शाखा अध्यक्ष सागर साखंला,के साथ जैन दिवाकर परिवार के लाला नेमिनाथ जैन, माणकलाल तालेडा, रमेश भंडारी, विरेन्द्र धाकड़, पन्नालाल कोठारी, रतनलाल लसोड, संपत छल्लानी, विजय लोढा, महेंद्र बोथरा, इंदरमल जैन वकिल साहब, अनिल संचेती डान, ताराचंद जैन, अशोक बाबेल, जिनेश्वर जैन, जयंतीलाल डांगी, सुरेश कटारिया,गणेश साखंला,रवि लोढा, मनोहरलाल चपडोद, बसंतीलाल चपडोद, पुखराज कोचच्टा, धर्मचंद श्री श्री माल,मनोज मेहता, मनीष भटेवरा, सुभाष जैन, दिपचंद डांगी, सुरेश मेहता, जतीन कोचच्टा, अभय सुराणा, पंकज मुरडिया, नरेन्द्र मारु ,अशोक मारु, के साथ ही रुचिरा सुराणा, लाड मेहता, कल्पना मुथा, शशी मारु अर्चना चोधरी, संगीता जालोरी, आदि ने कि है ।