गोचर भूमि को भू माफिया से मुक्त न करवाना संविधान को पांवों तले कुचलने के समान है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

नंदीग्राम । राज्य सरकारों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना गोचर भूमि को भू माफिया से मुक्त न करवाना संविधान को पांवों तले कुचलने के समान है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने नंदीग्राम गोशाला ने संबोधित करते कहा कि माफिया गिरोह और प्रशासन की मिलीभगत से दिनदहाड़े गोचर भूमि पर अवैध कब्जे है।
उन्होंने दोहरे आचरण पर कड़े प्रहार करते कहा कि गौ माता की जय बोलते हैं दूसरी तरफ गोचर भूमि को कब्जा करके गौ माता के मुंह से निवाला छीन कर कसाई जैसा काम कर रहे हैं मुनि कमलेश ने स्पष्ट कहा कि गोचर भूमि पर सरकारी भवन बनाना कारखानों को देना कानून के साथ धोखा अन्याय हैं । जैन संत ने कहा कि गोचर भूमि पर कत्लखाने बन सकते हैं तो गौशाला क्यों नही वना भरण्य की भांति गो भया रणय क्यों नहीं । राष्ट्रसंत ने बताया कि गांव-गांव गौशाला अभियान को प्राथमिकता देंगे तब ही पर्यावरण की रक्षा संभव होIगी । नंदीग्राम गोशाला ब्रांच पथमेड़ा मैं राष्ट्र संत का सुमन जी महाराज गोवत्स अखिलेश जी सीए डॉ श्याम सिंह आदि ने अभिनंदन किया 3000 बीघा में बनी हुई गौशाला में 10,000 गोवंश है पथमेड़ा गौशाला के अंतर्गत करीब डेढ़ लाख गो वंश का पालन हो रहा है 3 मार्च तक जीरावला तीर्थ 5 से 8 मार्च तक पावापुरी 11 मार्च से 21 मार्च तक माउंट आबू विराज ने की संभावना है