संघ शताब्दी के उपलक्ष्य में ‘शून्य से शतक तक’ संगीत माला का आयोजन

संस्कार भारती रतलाम द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम

रतलाम। दिनांक 14 दिसंबर रविवार को संघ शताब्दी के उपलक्ष्य में संस्कार भारती इकाई रतलाम द्वारा ‘शून्य से शतक तक’ शीर्षक से एक भव्य संगीत माला का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, काटजू नगर स्थित संघ शताब्दी सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ शैलेन्द्र चौऋषि एवं विशिष्ट अतिथि श्री हर्ष पटवा रहे । अतिथियों का स्वागत संस्कार भारती द्वारा किया गया।
तत्पश्चात संस्कार भारती का ध्येय गीत सरस्वती संगीत महाविद्यालय की कु. सौम्या पन्हालाकर एवं रुद्र आचार्य द्वारा प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का स्वागत एवं संस्था का परिचय प्रशांत शौचे ने दिया। कार्यक्रम के क्रम में श्रीमती किरण छाबड़ा द्वारा भारत वंदना प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने ‘चलो जलाएं दीप वहां’ गीत की सुंदर प्रस्तुति दी।
बाल कलाकार अतुलित शर्मा ने ‘इतिहास गा रहा है…’ गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। प्रशांत शौचे ने ‘केसरी बाना सजाए’ वीर रस गीत, विनय मोघे ने ‘पूर्ण विजय संकल्प हमारा’, अक्षद पंडित ने ‘चरैवेति चरैवेति’, श्रीमती रूचि चौहान ने ‘निर्माणों के पावन युग में’, अंकुर शौचे ने ‘संस्कृति सब की एक’ तथा सुहास चितले ने ‘मन समर्पित तन समर्पित’ गीत प्रस्तुत किए। वहीं हेमंत कुलकर्णी द्वारा प्रस्तुत ‘हम करें राष्ट्र आराधन’ गीत को भी सराहना मिली।
गीत माला के अंतिम क्रम में शीर्षक गीत ‘शून्य से शतक तक’ सभी कलाकारों द्वारा कोरस में प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सिंथेसाइजर पर श्री रोहित परिहार एवं तबले पर तल्लीन त्रिवेदी ने संगत प्रदान की। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन श्री पुष्पेन्द्र जोशी एवं श्रीमती अनिमा शर्मा द्वारा किया गया । आभार प्रदर्शन श्री मिलिंद करंदीकर ने किया। , संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन श्री पुष्पेन्द्र जोशी एवं श्रीमती अनिमा शर्मा द्वारा द्वारा किया गया कार्यक्रम का समापन कु. सोनाक्षी चावड़ा द्वारा प्रस्तुत ‘वंदे मातरम्’ से हुआ। उक्त जानकारी सुहास चितले जी ने दी।

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