पेंशनर पेंशन भोगी नहीं है पेंशन उनका जन्मसिद्ध अधिकार है – डॉ चांदनीवाला

  • अपने अधिकारों के लिए एकजुट होना पड़ेगा- श्री श्याम जोशी
  • पेंशनर के प्रति आदर का भाव हो – डॉ गीता दुबे
  • राष्ट्रीय पेंशनर डे पर प्रमुख पेंशनर एसोसिएशंस द्वारा बड़बड़ मै सम्मेलन आयोजित हुआ

रतलाम। पेंशनर्स सरकार द्वारा प्रदत्त पेंशन के भोगी नहीं है अपितु अधिकारी है लगभग 40 45 वर्षों तक सरकार की सेवा करने के पश्चात हमें पेंशन की पात्रता मिलती है जो हमारे मूल कर्म का अनुदान है भीख नहीं है और नहीं हम भोगी किस्म के वर्ग है हम अपने कार्य का परिश्रम का अनुदान चाहते हैं जो हमें समय-समय पर हमारे अधिकारों के अनुरूप मिलता रहे उसमें कोई रुकावट ना हो हमारा अस्तित्व और समाज में योगदान सरकार को स्वीकार करना चाहिए सेवा काल में हम लोग शासन कीप्रत्येक योजनाओं में हमारा योगदान देते हैं इसलिए हमें भी सरकार से अपेक्षा रहती है कि वह हमारे आत्मसम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करें और हमें सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने की व्यवस्था करें।
उपरोक्त विचार राष्ट्रीय पेंशनर डे के अवसर पर प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा बडबड हनुमान मंदिर परिसर मेंआयोजित विशाल सम्मेलन में प्रसिद्ध साहित्यकार चिंतक डॉक्टर मुरलीधर चांदनी वाला में व्यक्त किये आपने कहा कि उम्र की इस दहलीज पर भी हम सक्रिय रहते हैं हमारी रचनात्मक और सृजनशीलता हमें स्वस्थ और खुशहाल रखती है।
प्रमुख पेंशनर रजिस्ट्रेशन के प्रांतीय अध्यक्ष श्याम जोशी ने कहा कि कर्मचारियों की एकता अत्यंत आवश्यक है सरकार कभी नहीं चाहेगी कि हम लोग एक होकर अपने अधिकारों के लिए लड़े इसलिए वह फूड डालकर अन्य संगठनों को जन्म देती है सरकार द्वारा है खेरात और मुक्त की रेवड़ियां बाट कर समाज को अकर्मंडय बनाया जा रहा है यह अत्यंत घातक है पेंशनर्स के महंगाई भत्तो के प्रति सरकार हमेशा उदासीन रहती है या अत्यंत निंदनीय है पेंशनर्स भी समाज का महत्वपूर्ण अंग है जो अपना आत्मसम्मान और स्वाभिमान से जीवन जीना चाहता है लेकिन आपकी बेरुखी हमें निराश करती है आपने विभिन्न संगठनों से आपस में तालमेल बनाने का अनुरोध किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही शिक्षाविद डॉक्टर गीता दुबे ने कहा कि क्या पसंदीदा की बात है कि नगर के पेंशनर्स अपने अधिकारों के प्रति कितने सजग है इस राष्ट्रीय दिवस पर अपनी सामूहिक उपस्थिति से अपनी क्रियाशीलता को दर्शा रहे हैं ् अपने अधिकारों के लिए एकता के साथ मजबूती के साथ अपनी बात करना हमारा मूल अधिकार है इससे हमको कोई भी विमुख नहीं कर सकता है कार्यक्रम में महामंत्री श्री बाबूलाल शर्मा ,प्रांतीय उपाध्यक्ष के एल उपाध्याय श्री सत्यनारायण सोडा श्री एमके व्यास विश्वबंधु जोशी तेजपाल सिंह राणावत श्रीमती मंजुला शर्माअरविंद सोनीसचिव विद्युत पेंशनर रतलाम ने भी संबोधित किया।
आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती पूर्व मुख्य न्यायाधीश वाय वी चंद्रचूड़ तथा डीके खागरा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया सरस्वती वंदना डॉक्टर वीणा सिंह ने प्रस्तुत की।
स्वागत भाषण जिला अध्यक्ष राजेश व्यास ने दिया अतिथियों का स्वागत सर्वश्री ए एच आवेदिन दिनेश भटनागर मोहम्मद इलियास कुरैशी अनीस भाई प्रवीण जोशी कृष्ण सिंह राठौड़ कैलाश वाघेला राधेश्याम तोगड़े दिनेश शर्मा नरेंद्र सिंह राठौर दिलीप वर्मा एस एस डी शर्मा एस पी सिंह जादौन,जोश चाको विजय यादव विजय दुबे बी के उपाध्याय एस एस डोडिया गोपाल शर्मा रमेश चौहान शांतिलाल गोयल,गफ्फार मंसूरी महेंद्र ओझा लाल सिंह चौहान राजेंद्र राठौड़ आदि ने किया संगठन द्वारा इस अवसर पर 75 वर्ष से अधिक पेंशनधारी श्री पुरुषोत्तम शर्मा ओ पी सक्सेना प्रदीप शर्मा ,गिरधारी लाल चौहान शेख अब्दुल शकूर ,शंकर सिंह खराड़ी श्रीमती सुनीता खराड़ी का सम्मान किया।
अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर के तथा नगर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा श्री श्याम जोशी जी एवं अतिथियों का शाल श्री फल एवं रामचरित्र मानस पुस्तक देकर सम्मान किया गया कार्यक्रम का संचालन दिनेश शर्मा तथा आभार मोहम्मद इलियास कुरैशी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर सैकड़ो पेंशन धारी तथा कर्मचारी संगठनों के महानुभाव उपस्थित थे।

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