विश्व जैन संगठन का महा-ऐलान: 20 जुलाई 2026 को 1 लाख तीर्थ रक्षक करेंगे गिरनार तीर्थ में दर्शन
इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । “तीर्थ हमारे प्राण हैं, और प्राणों की रक्षा के लिए अब समाज का बच्चा-बच्चा रणबांकुरा बनेगा।” इसी ओजस्वी संकल्प के साथ विश्व जैन संगठन, इंदौर की वार्षिक बैठक शनिवार को मोदी जी कि नसियां में संपन्न हुई। बैठक में युवाओं के जोश और वरिष्ठों के अनुभव का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ जैन समाज धर्म संस्कृति की सुरक्षा और तीर्थों के अस्तित्व को बचाने हेतु 5-सूत्रीय ऐतिहासिक एजेंडा पर मुहर लगाई गई। राजेश जैन दद्दू एवं मयंक जैन ने बताया कि आने वाली 20 जुलाई 2026: गिरनार तीर्थ की धरा पर रचेगा नया इतिहास संगठन ने लक्ष्य घोषित किया है कि 20 जुलाई 2026 को भगवान नेमिनाथ के चरणों में निर्वाण लाडू समर्पित करने हेतु देशभर से 1 लाख तीर्थ रक्षक समाज जन गिरनार पहुंचेंगे। इस महा-अभियान का नेतृत्व इंदौर के 2000 जांबाज युवा साथी करेंगे। यह आयोजन गिरनार जी की पवित्रता और जैन समाज के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
मंयक जैन ने कहा कि अब संगठन युवाओं को केवल धर्म से ही नहीं, बल्कि सामर्थ्य से जोड़ने के लिए संगठन इंदौर सहित विभिन्न स्थानों पर ‘भगवान बाहुबली अखाड़े’ शुरू करने जा रहा है। इन अखाड़ों का उद्देश्य जैन युवाओं को शारीरिक रूप से वज्र के समान शक्तिशाली बनाना और उनमें धर्म की रक्षा का संस्कार जगाना है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अब तीर्थों की रक्षा सड़कों से लेकर कोर्ट (कानूनी विंग) और सोशल मीडिया तक हर मोर्चे पर लड़ी जाएगी।
नई ऊर्जा के साथ नई कार्यकारिणी का गठन
संगठन की धार को पैना करने हेतु वर्ष 2026 के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इस टीम में अनुभव और युवा जोश को संतुलित स्थान दिया गया है:
मनोनित पदाधिकारी/सदस्य: राजेश जी जैन ‘दद्दू’, ओमजी पाटोदी, महेंद्र जी पहाड़िया, विनोद जी जैन, एड. पारस जी जैन, अशोक जी सामरिया, शैलेन्द्र जी सोगानी, संजय जी जैन, सुभाष जी जैन, संतोष जी जैन, आकाश जी जैन, प्रद्युम्न जी जैन, केतन जैन, आलोक जी जैन, जितेंद्र जी जैन, आशीष जी जैन, दिनेश जी जैन, विशाल जैन एवं चक्रेश जी जैन। सभा की शुरुआत प्रेरणा जी के मंगलाचरण की और सभा संचालन इकाई अध्यक्ष मयंक जी जैन ने किया।
बैठक में राजेश जी जैन ‘दद्दू’, ओमजी पाटोदी, हेमंत जी, महेंद्र जी और विनोद जी (अध्यक्ष, सुखलिया समाज) ने प्रभावी संबोधन देते हुए कहा कि अब मौन रहने का समय चला गया है, अब संगठित होकर अपनी विरासत बचाने का समय है। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने इंदौर से 2000 युवाओं का विशेष जत्था तैयार करने का सामूहिक संकल्प लिया।