


रतलाम । कर सलाहकार परिषद ने 22 दिसंबर सोमवार को स्थापना दिवस मनाया । इसमें विशेष तौर से कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कर सलाहकार परिषद ने स्थापना दिवस कार्यक्रमों के अंतर्गत कवि सम्मेलन का आयोजन किया. परिषद का यह 58वां स्थापना दिवस है परिषद के सदस्यों ने कवि सम्मेलन का सपरिवार आनंद लिया. कवि सम्मेलन में कवि श्री चंचल चौहान रतलाम, कवि श्री पंकज धुप्पल गांव बरमंडल जिला धार, कवि धनंजय तबकड़े रतलाम, कवयित्री कु. प्रिया उपाध्याय, कवि श्री ब्रजराज ब्रज ने कविता पाठ किया. कवि चंचल चौहान ने अपने व्यंग से सभी को हसाया. पेटलावद से पधारे पदम मेहता ने गीतों की प्रस्तुति दी।
समय सबका बराबर है ये आठो याम अपने हैं
ये धरती है सभी की ओर चारों धाम अपने हैं
पढ़ो गीता या रामायण तो इतना जानोगे
अवध के राम सबके हैं ब्रज के श्याम सबके हैं
कवी चंचल
मिट्टी में रह के मिट्टी से
कतराने लगे है
माँ को ही माँ बुलाने में
घबराने लगे है
अंग्रेजी ने इतना गुलाम कर लिया हमें
हिन्दी ही बोलने में
शर्माने लगे है
कवियत्री प्रिया उपाध्याय
डूब रही है अगर मझधार में तो दूर किनारे अपनी कश्ती कर ले
जिंदगी चार दिन की है यार आओ थोड़ी मस्ती कर ले…
पंकज धूपपल हास्य कवि
हमारी भारत माता पर जब भी कोई संकट गहराया है,
देश के वीर रण बांकुरों ने मेरा रंग दे बसंती चोला गाया है,
उन्हें युद्ध भूमि में सिर्फ बलि वेदी पर जाने की राह याद रही है,
उन्हें याद रही है तो केवल मिट्टी का कर्ज चुकाने की चाह याद रही है।
ब्रजराज ब्रज, वीर रस कवि ,रतलाम
हर शख्स का दिल अब शीशे का हो गया है। लोगों से रिश्ता निभाना मुश्किल हो गया है।। जरा जरा सी बात पर अब बुरा मान जाते हैं। कई लोगों से मिले अब तो जमाना हो गया है
कवि धनंजय तबकडे
प्रारम्भ में अध्यक्ष सी बी रावत एवं सचिव राकेश भटेवरा ने सभी कवियों, आमंत्रित अतिथि , जीएसटी ऑफिस से पधारे अधिकारियों का स्वागत किया। कवि सम्मेलन का संचालन परिषद के वरिष्ठ श्री दिलीप पाटनी ने किया। उपाध्यक्ष अशोक भंडारी, सह सचिव मनीष गुगलिया, कोषाध्यक्ष विवेक खंडेलवाल ने पुष्प मालाओं से कवियों का स्वागत किया। पुष्पराज छजलानी , एस एल चपलोत , किशोर पाठक, टी एच् ख़ामोशी ,किशोर मंडोवरा, विशाल जोशी, संजय कोचर ने कवियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये। अंत में मोहित श्रीमाल ने आभार माना तथा उक्त जानकारी राकेश भटेवरा सचिव ने दी।