वन्दे मातरम् के 150 वर्ष – राष्ट्रभक्ति के गौरवशाली इतिहास का मनाया गया उत्सव

रतलाम। डॉ. कैलास नाथ काटजू विधि महाविद्यालय रतलाम में दिनांक 20-12-2025 को ​भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अमर गीत और हमारे राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व, इसकी रचना की पृष्ठभूमि और राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका पर विस्तृत जानकारी साझा की गई।

राष्ट्रगीत का महत्व और इतिहास

कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक डॉ. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत मात्र एक रचना नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता और स्वतंत्रता संग्राम का मुख्य आधार रहा है। साथ ही श्रीमती आभा शर्मा ने बताया कि 150 वर्षों से यह गीत भारतीयों के भीतर राष्ट्रप्रेम की ऊर्जा का संचार कर रहा है। ​डिजिटल माध्यम से भी सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर को और भी स्मरणीय बनाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल से जुड़ते हुए, प्रतिभागियों ने ‘माय जियो ऐप’ (MY GOV App) पर आयोजित विशेष ‘वन्दे मातरम् क्विज’ प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। ​क्विज का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रगीत के इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से परिचित कराना है।
​ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने ऑनलाइन डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड किए, जो उनकी राष्ट्रभक्ति और जागरूकता का प्रतीक हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती अनुराधा तिवारी, सहायक प्राध्यापक डॉ. सोना नगर , सहायक प्राध्यापक विजय मुवेल,सहायक प्राध्यापक हरेंद्र प्रताप सिंह ,लेक्चर वर्षा उपाध्याय, लेक्चर साक्षी त्रिवेदी , व लेक्चर मीनाक्षी बार्लो ,महाविद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गायन किया गया l