हम सब ऋषि की संतान, हमारी कोई जाति नहीं- शैलेषानंदजी महाराज

  • धर्म, देश के लिये मानसिक जातिवाद को भी खत्म करना पड़ेगा- चिंतामणि मालवीय
  • राजा के चरित्र और नीति देख कर जनता को साथ खड़ा होना चाहिए- पंडित अर्जुन गौतम
  • सामाजिक सद्भाव सम्मेलन में ब्राह्मण से लेकर दलित एक मंच पर
  • व्यक्ति चरित्र से बड़ा होता चाहिए जाति से नहीं

उज्जैन। हमारे यहां जाति नहीं गौत्र की परंपरा है, हम सब ऋषि की संतान है, इसलिये हमारी कोई जाति नहीं, जाति, भेदभाव को समाप्त करने के लिये सामाजिक सद्भाव सम्मेलन से अच्छा मंच नहीं हो सकता।
यह बात महामंडलेश्वर शैलेषानंदजी महाराज ने बीमा हॉस्पिटल परिसर गाड़ी अड्डा चौराहा आगर रोड पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में अतिथि उद्बोधन में कही। विधायक प्रो. चिंतामणि मालवीय ने कहा अब फिजिकली स्पर्श भेदभाव खत्म हो गया है, कुछ जगह मानसिक भेदभाव बचा है उसे भी हम खत्म कर देंगे तो हमारा राष्ट्र सर्वोपरि माना जाएगा। धर्म, देश के लिये मानसिक जातिवाद को भी खत्म करना पड़ेगा।
सामाजिक सद्भाव सम्मेलन के साथ हो रही श्रीमद भागवत कथा में चौथे दिवस की कथा में व्यासपीठ से मालवा माटी के युवा संत पंडित अर्जुन गौतम ने कहा कि राजा का चरित्र कैसा है, उसकी नीति किस तरह की, उसका उद्देश्य क्या है। यह बात भी जनता को समझनी चाहिए। लंका वासियों द्वारा रावण का चरित्र नहीं देखने के कारण लंका का विध्वंश हो गया। वहीं अयोध्यावासियों ने राम का साथ दिया तो आज भी अयोध्या की कीर्ति और यश दोनों है। राम और कृष्ण दोनों से समाज में सद्भाव का उदाहरण दिया है। कृष्ण ने सुदामा तो राम ने केवट को गले लगाया। पं. गौतम ने कहा व्यक्ति को चरित्रवान से बड़ा होना चाहिए जाति से नहीं।
स्वर्णिम भारत मंच के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि सामाजिक सद्भाव सम्मेलन में विभिन्न जाति समाज के लोग पहुंच रहे हैं, ब्राह्मण, दलित, आदिवासी सहित सभी एक मंच पर दिख रहे हैं। कथा में रविवार को नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जैसे गीतों के साथ कथा में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। भक्त भक्ति में झूम उठे, कृष्ण ने मटकी फोड़ी और भक्तों को माखन मिश्री बांटी गई। आज सोमवार को गोवर्धन पूजन के साथ छप्पन भोग लगेगा। कथा में पूर्व विधायक रामलाल मालवीय, गिरीश जायसवाल, मोतीलाल श्रीवास्तव, सोनू गेहलोत, योगेश सांगते, अर्जुन राठौर, लक्ष्मण दास बैरागी, पत्रकार विवेक चौरसिया, आशाराम श्रीवास्तव, विजय बागड़, सुरेंद्र सिंह भाटी, विशाल पांचाल, शशि राज भटनागर, अशोक सक्सेना, उर्मिला श्रीवास्तव, भूपेंद्र श्रीवास्तव, अरविंद प्रताप बिसेन, जितेंद्र बैरागी, अंबिका प्रसाद श्रीवास्तव, वीरेंद्र ठाकुर, शीतल बेस ने आरती की।
स्वर्णिम भारत मंच के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि समाज को जोड़ने और जातिगत नफरतों को मिटाने के लिए स्वर्णिम भारत मंच द्वारा एक अनूठा प्रयास करते हुए पहली बार राष्ट्र ध्वज तले श्रीमद् भागवत कथा एवं सामाजिक सद्भाव सम्मेलन का आयोजन भगवान श्री चिंतामन गणेश की मुख्य यजमानी में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक बीमा हॉस्पिटल परिसर गाड़ी अड्डा चौराहा आगर रोड पर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है। विघटित समाज को जोड़ कर एक दूसरे के मन में पनप रही जातिगत ईर्ष्या को मिटाने और प्रेम सौहार्द सामाजिक सद्भाव स्थापित करने तथा देश वासियों के मन में जाति धर्म की ऊंच नीच खत्म कर राष्ट्र भावना की अलख जगाने के उद्देश्य से स्वर्णिम भारत मंच द्वारा श्रीमद् भागवत कथा एवं सामाजिक सद्भाव सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। श्री गौतम के मुखारविंद से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे शाम 5 बजे तक धर्म की गंगा बहेगी।