कस्तूरबा नगर में चतुर्थ दिवस की कथा में मायरे के चमत्कार का भावपूर्ण वर्णन




रतलाम । कस्तूरबा नगर स्थित बगीचे में मनीषा–मनोज शर्मा मित्र मंडल द्वारा आयोजित नानी बाई के मायरे के पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन के अंतर्गत चतुर्थ दिवस की कथा शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को श्रद्धा, भक्ति और भावविभोर वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पोथी पूजन से हुआ।
पोथी पूजन के चतुर्थ दिवस के अवसर पर मनकामेश्वर महादेव सेवा समिति, श्री वैष्णव बैरागी समाज (अध्यक्ष श्री सरजू दास बैरागी, सचिव श्री संतोष बैरागी सहित समाजजन), नरेंद्र मोदी विचार मंच एवं महिला मोर्चा, टॉक कलाल समाज, सिखवाल ब्राह्मण समाज, नमो ग्रुप, चांदनी चौक गौ सेवा मंडल, सर्व ब्राह्मण सभा महिला मंडल, सनातन सोशल ग्रुप एवं अन्य संगठनों द्वारा पोथी पूजन किया गया।
इस अवसर पर आयोजक श्रीमती मनीषा शर्मा एवं श्री मनोज शर्मा द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया, वहीं विभिन्न समाजों एवं ग्रुपों के पदाधिकारियों ने मनीषा शर्मा एवं मनोज शर्मा का शॉल श्रीफल और मोतियों की माला पहनाकर अभिनंदन किया।
मायके पहुँचे प्रभु, अहंकार हुआ चूर
कथावाचक अनिरुद्ध मुरारी ने चतुर्थ दिवस की कथा में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा स्वयं मायरा भरने और अहंकार के विनाश के प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ब्राह्मण वेश धारण कर नानी बाई के मायके पहुँचे, तो किसी ने उन्हें पहचान नहीं पाया और सभी ने उन्हें साधारण यात्री समझा।
जब प्रभु द्वारा लाया गया मायरा खोला गया, तो उपस्थित जनसमूह आश्चर्यचकित रह गया। मायरे में स्वर्ण, रजत, वस्त्र, अन्न, धन सहित विवाह के लिए आवश्यक समस्त सामग्री देखकर नानी बाई के भाइयों का अभिमान चूर-चूर हो गया। उन्हें यह बोध हुआ कि जिस बहन को उन्होंने निर्धन समझकर तिरस्कृत किया था, वही भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त है।
पश्चाताप और आत्म परिवर्तन का संदेश
कथा में यह भी प्रसंग आया कि मायरा देखकर नानी बाई के भाई पश्चाताप से भर उठे और नानी बाई के चरणों में गिरकर क्षमा याचना की। कथावाचक ने कहा कि यह कथा केवल चमत्कार की नहीं, बल्कि मानव जीवन में विनम्रता, क्षमा और भक्ति की विजय का संदेश देती है। यह प्रसंग सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं।
भजनों से भक्ति रस में डूबा पांडाल
कथा के मध्य-मध्य अनिरुद्ध मुरारी द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति पर महिलाओं एवं पुरुषों ने तालियाँ बजाकर और नृत्य कर आनंद लिया। पूरा पांडाल “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से गूंज उठा। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक आरती का आयोजन किया गया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
आरती के अवसर पर रूद्र जाट, विजय जाट, आकाश जाट, कैलाश जाट, महेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ की गई थीं।
कथा संयोजक श्रीमती मनीषा मनोज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नानी बाई के मायरे की कथा दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ होगी तथा संध्या में आरती के साथ कथा का विश्राम किया जाता है। उन्होंने नगर वासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया।