
रतलाम। कस्तुरबा नगर गली नंबर 02 निवासी स्व. जगदीशचन्द्र तिवारी के निधन उपरांत परिजनों एवं रिश्तेदारों ने स्व. तिवारी की अंतिम इच्छा नेत्रदान करवा कर पूर्ण की। नेत्रदान करवा कर मानवता की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की। इस पुनीत पहल से दो दृष्टीहीन व्यक्तियों दृष्टि प्राप्त होगी और उनके जीवन में प्रकाश फैलेगा। इस पुनीत कार्य के लिए परिजनों ने जय कैला माता शैक्षणिक एवं सामाजिक कल्याण समिति रतलाम द्वारा संचालित नेत्रदान, देहदान, अंगदान प्रकोष्ठ प्रभारी पं. विजय हेमकांत शर्मा को सूचना दी।
पं. विजय हेमकांत शर्मा ने संस्था संस्थापक/लायंस क्लब रतलाम समर्पण डॉ श्वेता विंचुरकर मार्गदर्शन में सूचना प्राप्त होते ही डॉ लक्ष्मी नारायण शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम की डीन डॉ अनिता मूथा को सूचना दी गई। उनके निर्देशन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में नर्सिंग आफिसर विनोद कुशवाह एवं भावना खन्ना ने जीवन के सहयोग से नेत्रदान प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया। नेत्रदान टीम को रेलवे हास्पिटल तक ले जाने एवं पुनः मेडिकल कॉलेज लाने की सम्पूर्ण व्यवस्था समाजसेवी नरेश सिन्हा ने स्वयं कार चला सेवा प्रदान की।
नेत्रदान प्रक्रिया के दौरान परिवारजन, रिश्तेदार,मित्र एवं समाजजन उपस्थित थें। उन्होंने कार्निया डोनेशन एवं संरक्षण की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इससे जुड़ी भ्रांतियों को समझा एवं भविष्य में स्वयं ने भी नेत्रदान करने और नेत्रदान की जन जागरुकता अभियान में भाग लेने का संकल्प किया।पं. उमेशचंद्र तिवारी,पं. प्रेम किशोर तिवारी, पं. प्राणनाथ तिवारी,पं. गणेशदेव तिवारी, पं.सतीश चन्द्र तिवारी,पं. सुशील तिवारी,पं. सत्यनारायण तिवारी,पं. सुरेन्द्र अग्निहोत्री आदि उपस्थित थें। संस्था संरक्षक पं राजेन्द्र कुमार जोशी ने तिवारी के सराहनीय कार्य हेतु आभार व्यक्त किया।