गायत्री नगर में बसन्त पंचमी पर आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज के हुए ऐतिहासिक पाद् प्रक्षालन

जयपुर। परम पूज्य भारत गौरव, साधनामहोदधि अन्तर्मना प्रसन्न सागर जी महाराज के सानिध्य में बसंत पंचमी एवं आचार्य श्रीकुन्द कुन्द स्वामी के जन्म जयंती के पावन अवसर पर प्रातः 4:00 बजे सहस्त्रनाम पूजा सम्मेद शिखर टॉक पूजा, पूर्व- वर्तमान परंपरा आचार्यो के अर्घ्य एवं पूजा की गयी, तत्पश्चात आचार्य श्री का पाद् प्रक्षालन सुनील लता सोगानी परिवार द्वारा किया गया।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने अवगत कराया कि दोपहर को स्वाध्याय सभा, गुरु पूजा सारसमल, पदम भावना झांझरी,यागेश कासलीवाल, सूर्य प्रकाश छाबडा की ओर से भक्ति के साथ की गयी। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा,मंत्री राजेश वोहरा, उपाध्यक्ष अरुण शाह के विशेष निवेदन पर परम पूज्य साधना महोदधि आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज के बसंत पंचमी के पावन अवसर पर समाज के प्रत्येक मुखिया द्वारा श्री चरणों के पाद् प्रक्षालन किये। आचार्य श्री ने प्रत्येक सदस्य को आशीर्वाद प्रदान किया। धर्म सभा को उपाध्यक्ष श्री पीयूष सागर जी महाराज उपाध्याय श्री पियूष सागर जी महाराज 25 जनवरी से वीटी रोड पर होने वाले चारित्र शुद्धी विधान की उपयोगिता पर प्रकाश डाला । परम पूज्य प्रवर्तक मुनि श्री सहज सागर जी महाराज ने कहा कि छोटे छोटे नियम लेकर मानव जीवन को सार्थक करते हुए पुण्य अर्जन करना चाहिए, मुनि श्री ने कहा कि आचार्य श्री का आह्वान अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक मास में एक उपवास प्रत्येक व्यक्ति को करना है इस मिशन को जन जन तक पालना करवाना है।
सांय 7बजे से आनन्द यात्रा व महाआरती हुई.।
गुरू भक्त विपुल छाबडा ने बताया कि आचार्य श्री को प्रवास हेतु झोंटवाडा, वैशाली नगर, श्याम नगर, मीरा मार्ग आदि कालोनियों की जैन समाज ने श्री फल चढाया।

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