
रतलाम। रतलाम अकाउंटेंट एसोसिएशन द्वारा 77वां गणतंत्र दिवस रतलाम के न्यू रोड स्थित परिसर में अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशप्रेम की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शान से तिरंगा फहराकर की गई, जिसके पश्चात उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में राष्ट्रगान का गायन कर भारत माता के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।इसके पश्चात देश के नाम समर्पित उद्बोधनों का क्रम चला, जिसमें वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, संविधान की गरिमा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों पर अपने विचार रखे। संस्था अध्यक्ष पुरुषोत्तम पांचाल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में सभी सदस्यों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन सचिव राहुल भटेवरा ने किया।“एक शाम – देश के नाम” देशभक्ति संगीत संध्यागणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी की संध्या को रतलाम अकाउंटेंट एसोसिएशन द्वारा “एक शाम – देश के नाम” विषय पर भव्य देशभक्ति संगीत संध्या का आयोजन किया गया। देशप्रेम से ओत-प्रोत गीतों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति, गौरव एवं भावनाओं से भर दिया।संस्था के कलाकार हरीश मेघानी, कोमल सिंह पंवार, विकाश जैन, शैलेंद्र परमार, सौरभ मित्तल, जावेद जैदी, शुभम काठेड एवं महेश पांचाल ने अपनी मधुर आवाज़ में देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वहीं पधारे अतिथि कलाकार बृजेश सिंह, हीरा भाग्यवानी, हरीश जेठवानी एवं निर्मल डोडिया की शानदार प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।उपस्थित सदस्यइस अवसर पर उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, सचिव राहुल भटेवरा, कोषाध्यक्ष प्रकाश गहलोत, सह-सचिव रितेश पांचाल, सह-कोषाध्यक्ष प्रतीक चौरसिया, मनोज राठौड़, पंकज भंडारी, दीपक अग्रवाल, प्रमेन्द्र नाहटा, महेश पांचाल, राजेंद्र शर्मा, मुकेश पांचाल, जितेंद्र झामर, ईश्वर गोयल, शुभम गेलडा, भूपेंद्र व्यास, अरविंद परमार, अखिलेश ओझा, यश पंवार, अनुज गंगवाल, रौनक कोठारी, धीरेन्द्र सिंह, हरीश मेघानी, जावेद जैदी, संजय शर्मा, अंकित पांचाल, तरुण खिमेसरा, सौरभ मित्तल, सत्यनारायण राठौड़, लवी राका, शुभम काठेड, अजय जाट सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।आभारकार्यक्रम के अंत में संस्था की ओर से सचिव राहुल भटेवरा द्वारा सभी कलाकारों, अतिथियों, सदस्यों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। संपूर्ण आयोजन राष्ट्रप्रेम, एकता एवं भारतीय संस्कृति के गौरव का जीवंत उदाहरण बन गया।