


जयपुर 18 फरवरी। जन-जन के हृदय सम्राट, प्राणी मात्र के प्रति दया के भाव सदैव रखने वाले, आचार्य शिरोमणि श्री विद्यासागर जी महामुनिराज जी के द्वितीय समाधि स्मृति दिवस पर श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर,महारानी फार्म में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वधान में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में 18 फरवरी 2026 प्रातः 8:00 बजे से नित्य प्रतिदिन अभिषेक शांति धारा पूजा के पश्चात आचार्य छत्तीसी विधान का आयोजन विधानाचार्य अजीत जी शास्त्री के निर्देशन में किया गया। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने अवगत कराया की उक्त विधान में सोधर्म इंद्र बनकर वीरेंद्र सुनंदा अजमेरा ने विधान पूजा करवायी इस अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, उपाध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश बोहरा,वरिष्ठ एडवोकेट विमल कुमार जैन, वरिष्ठ समाज सेवी अनिल गदिया, अशोक जैन विधानसभा वाले बसंत बाकलीवाल, सन्तोष बाकलीवाल, सुनील जैन तिजारा वाले, कमल मालपुरा वाले आदि अनकों महानुभवों के साथ महिला – पुरुष उपस्थित होकर विधान पूजायें कीं। विधानाचार्य पंडित अजीत जी शास्त्री ने आचार्य श्री के उपकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूज्य आचार्य श्री जन-जन के परम आराध्य आचार्य थे, उन्होने जनजन के लिए अनेकों उपकार किये। अंत में सभी का आभार मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अरुण शाह द्वारा व्यक्त किया गया।