अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष कार्यक्रम


रतलाम। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन जावरा रोड स्थित गौरव पैलेस कॉलोनी के भाग्योदय भवन सेवा केंद्र द्वारा जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सहयोग से गुलाब चक्कर मंच पर किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर रतलाम बहन राधा महंत जी रहीं। इस अवसर पर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि जब वे पहली बार ब्रह्माकुमारी आश्रम में गईं तो उन्हें आत्मा और परमात्मा की सच्ची पहचान प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा सभी के हैं और यह अनुभूति आज भी उन्हें अलौकिक आनंद का अनुभव कराती है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति में घर ही नहीं बल्कि पूरे संसार को श्रेष्ठ बनाने की क्षमता है। यदि हम परमात्मा से जुड़कर उनके गुणों को जीवन में धारण करें तो परिवार और समाज दोनों में सुख-शांति और सकारात्मक वातावरण स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पुरुष और स्त्री जीवन रूपी रथ के दो पहियों के समान हैं, इसलिए दोनों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग आवश्यक है तथा बच्चों को भी श्रेष्ठ संस्कार देना चाहिए।
भाग्योदय भवन सेवा केंद्र की मुख्य संचालिका राजयोगिनी मनोरमा दीदी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि परमात्मा की सर्वश्रेष्ठ रचना नारी है, जो अपने प्रेम, ईमानदारी और समर्पण से घर को स्वर्ग समान बना सकती है। नारी घर और बाहर की सभी जिम्मेदारियों को संतुलित रूप से निभाते हुए समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
इस अवसर पर बी.आर. म्यूजिकल ग्रुप के हरीश गहलोत, भारती गहलोत, अश्विनी शुक्ला एवं आशीष मिश्रा द्वारा मातृशक्ति का पुष्प एवं दुपट्टे से स्वागत किया गया।
विशेष अतिथि डॉ. डोली मेहरा ने अपने संबोधन में बताया कि प्रशासन द्वारा सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एक विशेष वैक्सीन जिला चिकित्सालय में निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। यह वैक्सीन 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के लिए है, जिसका अधिक से अधिक लाभ सभी को लेना चाहिए।
विशेष अतिथि कुसुम चाहर ने कहा कि महिलाओं को घर, परिवार और समाज के विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए। आज महिलाएं हर क्षेत्र में लगभग 50 प्रतिशत योगदान दे रही हैं। उन्होंने माताओं से बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखने और अच्छे संस्कार देने की अपील की।
डॉ. गीता दुबे ने कहा कि एक महिला पूरे परिवार के प्रति समर्पित रहती है और वास्तव में वही परिवार और समाज की धुरी है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, फिर भी उन्हें उनके योग्य सम्मान और न्याय मिलना अभी बाकी है।
अनीता कटारिया ने कहा कि हमें अपने घर का वातावरण ऐसा बनाना चाहिए कि बच्चे भी हमें देखकर अच्छे संस्कार अपनाएं। साथ ही उन्होंने महिलाओं से मर्यादित वेशभूषा और जागरूकता बनाए रखने का संदेश दिया तथा समाज में बहन-बेटियों के सम्मान की रक्षा के लिए सजग रहने की आवश्यकता बताई। सीमा अग्निहोत्री ने कहा कि जीवन में कुछ पाने के लिए कुछ देना भी पड़ता है। जब हम दूसरों की सहायता करते हैं तो किसी न किसी रूप में हमें भी सहायता प्राप्त होती है।
सुनीता पाठक ने कहा कि किसी की सच्ची प्रशंसा करने से उसकी कार्यक्षमता बढ़ती है और वह दोगुने उमंग और उत्साह से अपने कार्य को पूरा करता है।
🧘♀️ कार्यक्रम के शुभारंभ में तीन मिनट का राजयोग मेडिटेशन कराया गया।अतिथियों का स्वागत ब्रह्माकुमारी पार्वती बहन, आरती बहन एवं मंजुला बहन द्वारा तिलक, अक्षत एवं बैज पहनाकर किया गया। संस्था का परिचय बड़नगर सेवा केंद्र की प्रभारी नीलम बहन द्वारा दिया गया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं भाई-बहनों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का सफल संचालन नजरबाग सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी सीमा बहन द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, मातृशक्ति एवं उपस्थित भाई-बहनों के प्रति हृदय से आभार ब्रह्माकुमारी पूजा बहन द्वारा व्यक्त किया गया।