

रतलाम। जैन सोशल ग्रुप (JSG) मैत्री द्वारा आयोजित “मैत्री का पांचवा मिलन समारोह” दो दिवसीय धार्मिक यात्रा के साथ अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस विशेष यात्रा में ग्रुप के 132 सदस्यों ने अपने परिवारों के साथ विभिन्न प्राचीन जैन तीर्थों की यात्रा कर दर्शन, पूजन एवं आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
मैत्री के फाउंडर प्रेसिडेंट समाजसेवी अमित कोठरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस धार्मिक यात्रा की रूपरेखा संस्थापक अध्यक्ष अमित कोठारी एवं अध्यक्ष राहुल नवलक्खा, & mayank kothari द्वारा तैयार की गई थी। यात्रा के सफल संचालन में संयोजक सौरभ व्होरा, रेनिश मेहता, राहुल सकलेचा,rajesh gandhi की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह यात्रा शनिवार, 21 मार्च को रतलाम स्थित लोकेन्द्र भवन से प्रारंभ हुई। लगभग 40 से अधिक परिवार दो स्लीपर एसी बसों में सवार होकर इस आध्यात्मिक सफर पर निकले। यात्रा के दौरान भक्ति के साथ-साथ हंसी-खुशी का माहौल बना रहा, जहां ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और धार्मिक गतिविधियों एवं खेलों का भी आयोजन किया गया।
यात्रा का पहला पड़ाव बदनावर स्थित शंखेश्वर पुरम रहा, जहां सभी सदस्यों ने प्रभु के दर्शन किए। & Parampujya m.h. shri piyush vijayji k dwara manglik di gayi.इसके पश्चात यात्रा अमीझरा पार्श्वनाथ तीर्थ पहुंची और आगे बढ़ते हुए रात्रि विश्राम हेतु लक्ष्मणीजी पहुंचे, जहां सभी ने आरती का लाभ लिया।
अगले दिन रविवार, 22 मार्च को लक्ष्मणीजी में पूजन-वंदन और प्रभु को छाप चढ़ाई गई।के पश्चात यात्रा भोपावर के लिए रवाना हुई। वहां दर्शन करने के बाद सभी मोहनखेड़ा तीर्थ पहुंचे, जहां रात्रि ki आरती ka labh Ameet – Reena kothari pariwar dwara leker सभी ने आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। इसके पश्चात यात्रा पुनः रतलाम लौटकर संपन्न हुई।
पूरी यात्रा के दौरान सभी सदस्यों ने परिवार सहित भक्ति, एकता और मैत्री का सुंदर अनुभव किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि मैत्री सदस्यों के आपसी संबंधों को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ। सेकेट्ररी सचिन मांडोत ने सभी का आभार माना।