वैशाख की पुण्य बेला में दिव्य महाअभिषेक – शिवभक्ति, साधना और शक्ति का अलौकिक संगम रतलाम में

रतलाम। सनातन परंपरा में वैशाख मास को अत्यंत पवित्र, पुण्यप्रद और मोक्षदायी माना गया है। यह वही दिव्य काल है जब प्रकृति, देवत्व और साधना की ऊर्जा अपने सर्वोच्च स्वरूप में प्रवाहित होती है। वैशाख सुदी पंचमी का शुभ संयोग इस बार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक सिद्धि और मंगल कृपा का संदेश लेकर आया है।
इसी पावन अवसर पर शिव शक्ति वासुकी धाम, स्नेह नगर (80 फीट रोड) में मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:30 बजे से वासुकीनाथ बाबा का अलौकिक महाअभिषेक वैदिक विधि-विधान, मंत्रशक्ति और दिव्य भावनाओं के साथ सम्पन्न होगा।
इस दिव्य अनुष्ठान में दूध, दही, पंचगव्य एवं पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा। गूंजते रुद्रपाठ, वैदिक मंत्रोच्चार और सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से सम्पूर्ण वातावरण शिवमय, पावन और ऊर्जावान हो उठेगा। ऐसा प्रतीत होगा मानो स्वयं देवत्व धरा पर अवतरित होकर भक्तों को अपनी कृपा से अभिसिंचित कर रहा हो।
आध्यात्मिक मान्यता है कि वैशाख मास में किया गया अभिषेक, जप और साधना अनेक जन्मों के पापों का क्षय कर साधक के जीवन में शांति, समृद्धि और दिव्यता का संचार करता है। शिव चरणों में अर्पित प्रत्येक जलधारा केवल जल नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और आत्मशुद्धि का प्रतीक बनकर जीवन के कष्ट, भय और मानसिक अशांति को दूर करती है।
सफेद पुष्प अर्पण, नारियल समर्पण एवं विधिपूर्वक परिक्रमा करने से ग्रहबाधा शमन, पारिवारिक सुख-शांति, कार्यसिद्धि एवं मानसिक संतुलन की प्राप्ति होती है। यह केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा को शिवत्व से जोड़ने का एक दिव्य सेतु है, जो साधक को आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है।
स्नेह नगर विकास समिति की अध्यक्ष वह नागराज वासुकी की परम भक्त चेतना पाटीदार ने बताया कि वासुकीनाथ बाबा की असीम कृपा से धाम में प्रत्येक उजियारी पंचमी एवं रविवार को विशेष पूजन होते हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। इस विशेष महाअभिषेक का आयोजन पंडित प्रवीण शर्मा के सानिध्य में सम्पन्न होगा।
नगर के धर्मप्रेमी नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया है कि वे इस दिव्य अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवभक्ति, साधना और दिव्य ऊर्जा का अनुभव करें।
धाम परिवार का भावपूर्ण आह्वान :- आइए, वैशाख और पंचमी के इस अलौकिक संगम में सहभागी बनें। मंदिर की तीन परिक्रमा कर अपने जीवन, परिवार और समस्त नगर को शिव कृपा, शांति, शक्ति और मंगलमय ऊर्जा से आलोकित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Play sound