जाट समाज के 18वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में 14 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

रतलाम । अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर पचेड़ स्थित जाट समाज द्वारा अपनी गौरवशाली परंपरा को जारी रखते हुए 18 वां सामूहिक विवाह सम्मेलन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अबूझ मुहूर्त के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में समाज के 14 जोड़ों ने विधि-विधान के साथ सात फेरे लिए और गृहस्थ जीवन की शुरुआत की।

वीर तेजाजी की भक्ति से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत मंगलारंभ जाट समाज के आराध्य देव वीर तेजाजी महाराज की सामूहिक आरती के साथ हुआ। आरती के दौरान पूरा परिसर भक्तिमय जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात भगवान गणेश के पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विवाह की रस्में शुरू हुईं।
सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का संगम
इस आयोजन में न केवल पचेड़ बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी समाज जन बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण वर-वधु की शोभायात्रा और समाज की एकजुटता रही। आयोजन समिति द्वारा प्रत्येक जोड़े के लिए व्यवस्थित मंडप और मेहमानों के लिए भोजन व स्वागत की पुख्ता व्यवस्था की गई थी।
राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने दिया आशीर्वाद
विवाह सम्मेलन की गरिमा बढ़ाने के लिए जाट समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और क्षेत्र के प्रमुख जन नेता उपस्थित रहे।
अतिथियों का संदेश:
श्री वीर तेजाजी जाट सामूहिक विवाह समिति पंचेड द्वारा जाट समाज के 14 जोड़ों का समूह विवाह संपन्न हुआ, जिसमें अतिथि रतलाम महापौर प्रहलाद पटेल, जिला महामंत्री भाजपा किसान मोर्चा एवं जाट समाज जिला सचिव बद्रीलाल चौधरी ,पवन जाट जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि, सामूहिक विवाह समिति अध्यक्ष शंकरलाल पटेल , भाजपा मंडल नामली अध्यक्ष दिनेश जाट विवाह समिति के पूर्व अध्यक्ष भरतलाल जाट,उपसरपंच धर्मेंद्र जाट , मोहनलाल जाट , ईश्वर लाल जाट, सचिव, लाला जाट पूर्व मंडल अध्यक्ष, कन्हैयालाल जाट उप सरपंच बंजली , शाहिद राजस्थान और मध्य प्रदेश के जाट समाज बंधु एवं मातृशक्ति भगिनी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए समाज की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह आज के समय की आवश्यकता है, जिससे न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि समाज में ऊंच-नीच का भेद मिटकर समरसता बढ़ती है।
सम्मान समारोह:
आयोजन के दौरान समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं और भामाशाहों का भी आभार व्यक्त किया गया।
फिजूलखर्ची पर प्रहार और सादगी का संदेश जाट समाज पचेड़ द्वारा लगातार 18 वर्षों से किए जा रहे इस सफल आयोजन ने एक बार फिर सादगी और अनुशासन की मिसाल पेश की है। समाज के वरिष्ठों ने युवाओं से अपील की कि वे दहेज जैसी कुरीतियों को त्यागकर इस प्रकार के सामूहिक आयोजनों को प्राथमिकता दें।
विदाई की रस्म के साथ सभी 14 जोड़े अपने नए जीवन के संकल्प के साथ विदा हुए। आयोजन की सफलता पर जाट समाज के अध्यक्ष और पूरी आयोजन समिति ने समस्त समाज जनों का आभार व्यक्त किया।