वह धरती धन्य धरा है जहाँ पर सदा साधुओं का आगमन रहता है

जावरा (अभय सुराणा) । वह धरती धन्य धरा है जहाँ पर सदा साधुओं का आगमन रहता है साधु केवल मानव कल्याण के साथ स्व का कल्याण करते हुए पृथ्वी के हर जीव के प्रति जीवदया के भाव रखते हुए सभी को धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए हर जीव के प्रति करुणा दया के भाव रखने का संदेश देते हुए विचरण करतें हुए भगवान महावीर का संदेश जन जन तक पहुँचाने का प्रयास करतें हुए सभी का कल्याण करते है ऐसे ही महान संत जावरा के गौरव करुणा के सागर मालवरत्न ज्योतीषाचार्य उपाध्याय श्री कस्तुरचंद जी म सा की जन्मभूमि पर श्रमण संघीय सलाहकार भीष्म पितामह श्री सुमित प्रकाश जी म सा के सुशिष्य आगमज्ञाता दक्षिण भास्कर वाणी के जादुगर डाॅ समकित मुनी जी म सा श्री भवान्त मुनी जी म सा आदि ठाणा-2 रतलाम से विहार कर 7 अप्रैल बुधवार को प्रातः 9 बजे चोपाटी पर पधारने के भाव है उक्त जानकारी देते श्री संघ अध्यक्ष इंदरमल टुकडीया सचिव कनकमल चोरड़िया ने बताया कि डॉ समकित मुनी जी म सा आदी ठाणा-2 दिनांक 8 अप्रैल को चोपाटी से विहार कर जैन दिवाकर भवन पर पधारेगें साथ ही 8 अप्रैल गुरुवार से जैन दिवाकर स्थानक भवन खारीवाल मोहल्ला पर प्रातः 9 बजें से प्रवचन रहेंगे आप सभी धर्मानुरागी श्रावक श्रावीका से निवेदन है कि आप सभी प्रतिदिन प्रवचन एवं दर्शन वंदन का लाभ लेवें ।

Play sound