


रतलाम। अखिल विश्व गायत्री परिवार की अधिष्ठात्री माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष को लेकर संस्था द्वारा इस वर्ष लगातार आयोजन किए जा रहें है। उसी तारतम्य में शताब्दी संकल्प अनुयाज कार्यशाला के अंतर्गत रतलाम जिले का जिला स्तरीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण गायत्री शक्तिपीठ डोंगरेधाम रतलाम पर शनिवार को सम्पन्न हुआ। दिन भर चले इस प्रशिक्षण में जिले भर के सक्रिय गायत्री परिजन उपस्थित थे, जिन्हें जिला अथवा तहसील समन्वय समितियों में विभिन्न दायित्व दिए गए थे। उज्जैन उपजोन की टीम के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण कार्य सम्पन्न हुआ।
सर्वप्रथम अतिथियों एवं प्रशिक्षकों द्वारा देवपूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्य ट्रस्टी पातीराम शर्मा एवं मंजुला पालीवाल द्वारा अतिथियों का स्वागत मंगल तिलक एवं मंत्र दुपट्टे से किया गया। प्रशिक्षण सत्र के प्रारंभ में उज्जैन से पधारे डॉ शशिकांत शास्त्री ने प्रशिक्षण का उद्देश्य, कैसे हो हमारे कार्यकर्ता एवं प्रज्ञा संस्थान तथा बाल संस्कारशाला की उपयोगिता पर डिजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रकाश डाला। उपजोन समन्वयक प्रभाकर सोनोने ने ट्रस्टों की कानूनी जानकारियां, अर्थानुशासन की बारीकियां समझाई तथा साधना, स्वाध्याय एवं मण्डल निर्माण पर मार्गदर्शन दिया। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ समन्वयक विवेक चौधरी ने युवा, पर्यावरण, व्यसन मुक्ति एवं कुरुति उन्मूलन विषय पर कार्य करने हेतु उपस्थित जनों को विस्तार से समझाया। आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी आंदोलन की उज्जैन उपजोन प्रभारी उर्मिला तोमर ने इस अभियान की वर्तमान समय में आवश्यकता पर प्रकाश डाला। जिला समन्वयक दामोदर शर्मा धराड़ द्वारा स्वास्थ्य, स्वावलंबन, साहित्य विस्तार एवं शिक्षण प्रशिक्षण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए गए। गायत्री परिवार के नारी आंदोलन के अंतर्गत महिला जागरण के कार्यों को युवा कार्यकर्ता निशा धनोतिया ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ आई.पी. त्रिवेदी ने किया तथा अर्जुनसिंह चौहान ने सत्संकल्प का पाठ करवाते हुए आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि गायत्री परिवार के मध्यप्रदेश संगठन ने इस वर्ष अपनी सभी तहसील एवं जिला इकाईयों का पुनर्गठन किया है तथा माताजी की जन्मशताब्दी वर्ष ने नए लक्ष्यों को नए सिरे से कार्य करके प्राप्त करने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में गायत्री शक्तिपीठ डोंगरेधाम रतलाम पर आयोजित इस कार्यशाला एवं प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षकों द्वारा अपने कार्यानुभवो के आधार पर परिजनों को कार्य करने के तरीकों को सरल भाषा में समझाया गया। भीषण गर्मी में भी जिले के परिजनों ने समर्पित भाव और पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण सत्र में भाग लिया। कार्यक्रम में जावरा ताल आलोट रावटी सैलाना बाजना इत्यादि के तहसीलों के साथ साथ रतलाम शहर के परिजन भी सम्मिलित हुए थे।