सेवा, समर्पण और श्रद्धा की मिसाल थे स्व. प्रकाशचंद सुराणा-मुनिराज श्री पीयूषचंद्रविजय जी हुए भावुक

“मोहनखेड़ा महातीर्थ के विकास में सुराणा जी का योगदान अविस्मरणीय—पुत्र नीलेश सुराणा को दिए आशीर्वाद

जावरा (निप्र)। समाजसेवी स्वर्गीय श्री प्रकाशचंद जी सुराणा, निवासी जावरा को स्मरण करते हुए पूज्य मुनिराज श्री पीयूषचंद्रविजय जी महाराज साहब भावुक हो उठे। उन्होंने सुराणा जी के जीवनभर किए गए सेवा कार्यों को याद करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। मुनिराज श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्व. सुराणा जी का श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के विकास में अभूतपूर्व योगदान रहा है। चाहे गुरुकुल की स्थापना और संचालन की बात हो या महातीर्थ के विस्तार और उन्नयन की, हर क्षेत्र में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई।
उन्होंने आगे कहा कि सुराणा जी का संत-समाज के साथ अत्यंत सशक्त और आत्मीय संबंध रहा। श्रीमद विजय विद्याचंद्र सुरीश्वर जी महाराज साहब, श्रीमद विजय हेमेंद्र सुरीश्वर जी महाराज साहब, श्रीमद विजय रवींद्र सुरीश्वर जी महाराज साहब, श्रीमद विजय ऋषभचन्द्र सुरीश्वर जी महाराज साहब सहित अनेक साधु-श्रमणी भगवंतों के साथ उनके गहरे संबंध थे। ऐसे गुरुभक्त विरले ही देखने को मिलते हैं।
मुनिराज श्री ने कहा कि स्व. प्रकाशचंद जी सुराणा का जीवन सेवा, श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है, जिन्हें समाज कभी भूल नहीं सकता। इस अवसर पर उन्होंने सुराणा जी के सुपुत्र, समाजसेवी श्री नीलेश कुमार सुराणा को उत्तम आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और समाजसेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

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