“मोबाइल युग में संस्कारों का महाकुंभ”

  • इंदौर में 2000 बच्चों ने सीखा जैनत्व, डिजिटल तकनीक और श्रद्धा का बना अद्भुत संगम*
  • अमेरिका का पैकेज छोड़ संस्कारों को बांटने जुटे मां अहिल्या की नगरी इंदौर के गौरव पं. प्रकाश छाबड़ा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ 8 दिवसीय जैन बाल एवं युवा संस्कार शिक्षण शिविर

इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि प्रतिवर्षा अनुसार यंग जैन स्टडी ग्रुप द्वारा रविवार3 से 10 मई रविवार 2026 तक सन्मति स्कूल, संयोगितागंज, इंदौर में आयोजित जैन बाल एवं युवा संस्कार शिक्षण प्रशिक्षण शिविर ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि दिशा सही हो तो आज की पीढ़ी धर्म और संस्कारों से दूर नहीं, बल्कि उन्हें सीखने के लिए उत्सुक है। इस शिविर में 2200 से अधिक बच्चों और युवाओं ने ऑनलाइन पंजीयन कराया, जिनमें से लगभग 2000 बच्चों ने आठ दिनों तक अनुशासित वातावरण में जैनत्व के मूल संस्कार ग्रहण किए। शिविर संयोजक अजय जैन मिटां ने बताया कि

सुबह 6:50 बजे 2000 बच्चों के द्वारा भगवान अभिषेक अष्टद्रव्य पूजन
प्रतिदिन प्रातः 5 बजे से व्यवस्थाएं प्रारंभ होती थीं। सन्मति स्कूल की 40 से अधिक बसें सुबह 5:30 बजे विभिन्न क्षेत्रों से बच्चों को लेकर शिविर स्थल पहुंचती थीं। ठीक 6:50 बजे जिनेन्द्र अभिषेक और उसके पश्चात अष्टद्रव्य पूजन प्रारंभ होता था। श्री विमलचंदजी छाबड़ा के मार्गदर्शन और श्रीमती जयश्री टोंग्या की मधुर वाणी में जब 2000 बच्चे एक साथ बड़े ही भक्ति भाव से पूजन करते थे, तब दृश्य इतना भव्य होता कि हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध रह जाता। दद्दू ने कहा कि अमेरिका की नौकरी छोड़ संस्कार अभियान: से नाता जोड़ा माइक्रोसॉफ्ट अमेरिका की कंपनी का आकर्षक पैकेज और आधुनिक कॉर्पोरेट जीवन छोड़कर धर्म समाज और संस्कारों के लिए समर्पित छाबड़ा परिवार के समाज रत्न पं. प्रकाश छाबड़ा का यह प्रयास आज एक विशाल संस्कार अभियान का बृहद रूप ले चुका है। प्रतीवर्षा अनुसार आप के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में यह सहभागिता किसी दबाव से नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं की अपनी आंतरिक जिज्ञासा और श्रद्धा से उत्पन्न हुई थी। अजय मिटां ने कहा कि डिजिटल क्लासरूम में धर्म अध्ययन: शिविर में बच्चों को लेवल वन से लेवल सेवन तक विभाजित कर जैनागम आधारित विषयों का आधुनिक शैली में अध्यापन कराया गया। णमोकार मंत्र, पंच परमेष्ठी, छह द्रव्य, सात तत्व, आठ कर्म, दशधर्म, तीन लोक, रात्रि भोजन त्याग जैसे गंभीर विषयों को युवा विद्वानों ने डिजिटल प्रस्तुति, प्रोजेक्टर और पीपीटी के माध्यम से सरलता से समझाया। लगभग 2000 बच्चों ने प्रत्यक्ष अध्ययन किया, जबकि सैकड़ों बच्चे यू-ट्यूब लाइव के माध्यम से जुड़े।

तकनीक बनी संस्कारों की सहयोगी
शिविर की सबसे अनूठी विशेषता इसका डिजिटलीकरण रहा। प्रत्येक शिविरार्थी का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, उपस्थिति और परीक्षा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा गया। बसों के आगमन-प्रस्थान की जानकारी सीधे अभिभावकों के मोबाइल पर भेजी जाती थी। समस्त अध्ययन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई।

“यह इंदौर नगर के लिए वरदान है”
शिविर का अवलोकन करने पहुंचे सांसद शंकर लालवानी, अशोक जैन “अरिहंत कैपिटल”, अमित कासलीवाल, आनंद गोधा, भरत मोदी, सुनील मीना जैन, श्रीमती श्वेता संजय बंडी, नेहा पलाश बक्षी, अविनाश सेठी, विजित रामावत सहित अनेक गणमान्य समाज जन एवं नागरिकों ने इसे “अद्भुत”, “अनुकरणीय” और “इंदौर के लिए वरदान” बताया।

कार्यकर्ताओं का समर्पण
शिविर की सफलता के पीछे प्रीतेश जैन, अजय नीतू जैन, अजय मिंटा जैन, आमोद पहाड़िया, अमन जैन, रोहित जैन, तरुण जैन, श्रीमती खुशबू जैन, अंशुल जैन, अरिहंत जैन सहित यंग जैन स्टडी ग्रुप के अनेक कार्यकर्ताओं का अथक परिश्रम रहा।

शिविर समापन पर प्रतिभाओं का सम्मान
आयोजित समापन समारोह में प्रत्येक लेवल के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही शिविर का भावपूर्ण समापन हुआ। शिविर संयोजक अजय मिंटा जैन ने कहा कि विगत ग्यारह वर्षों से निरंतर संचालित यह शिविर अब केवल आयोजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी में संस्कार जागरण का महाअभियान बन चुका है।

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