ट्रम्प ईरान युद्ध के बाद अपार धन कमा रहे ?

लेखक – प्रो. देवेन्द्र कुमार शर्मा
रतलाम

अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए आक्रमण के बाद से ही पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है। अधिकतर देशों पर आर्थिक संकट मंडरा रहा हैं। सभी जानते है कि तेल के भाव बहुत अधिक बढ़ जाने के कारण विश्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। तेल महंगा होने से वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे हैं। तेल की महंगाई का असर सार्वजनिक सेवाओं और यातायात पर भी पड़ रहा है। परिवहन महंगा होता है तो वस्तुएं महंगी होती है। अर्थ शास्त्रियों द्वारा आशंका व्यक्त की जा रही है कि विश्व आर्थिक मंदी के दौर में फंस सकता है जैसा कि प्रथम विश्व युद्ध के बाद हुआ था। साधारण आम जनता का जीवन कठिन होता जा रहा है किन्तु अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प को इसकी कोई चिंता नहीं। युद्ध से अमेरिकी खजाने को भी बहुत हानि हो रही है किन्तु राष्ट्रपति ट्रम्प को इस उथल-पुथल से कोई फर्क नहीं पड़ता। वे युद्ध और आर्थिक संकट के दौर में भी अपार धन बना रहे हैं, ऐसी रिपोर्ट आ रही है। भले ही दुनिया आर्थिक संकट में फंस जाए ट्रम्प को इसकी कोई परवाह नहीं, वे युद्ध में भी धन कमा रहे है। वैसे युद्ध से धन कमाना अमेरिका की फितरत है। युद्ध में लगे देशों को अमेरिका हथियार बेचकर बहुत धन कमाता रहा है। अमेरिका में हथियार उद्योग बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने कई देशों में बहुत लम्बे युद्ध लड़े और उन देशों को हथियार बेचकर बहुत धन बनाया। अमेरिका को कभी यह चिंता नहीं रहती कि उसके कितने सैनिक युद्ध में हताहत हुए। ईरान युद्ध में हथियार कम पड़ने पर ट्रम्प ने अमेरिका की कार बनाने वाली कंपनियों को हथियार बनाने को कहा।
पूरी दुनिया परेशान है किन्तु ट्रम्प नही, वे बहुत धन बना रहे हैं। सूचना माध्यमों में चल रहे समाचारों के अनुसार ट्रम्प ने ईरान युद्ध प्रारंभ करने के बाद करीब 800 करोड़ डालर कमाए हैं। सभी जानते है कि ट्रम्प मूलतः व्यवसायी है, राजनेता बाद में। ऐसे अमेरिका एक व्यवसायी देश ही है। आपदा में भी धन कमाना उन्हें आता है। नाटो बनाकर सभी यूरोपियन देशों को हथियार बेचकर अमेरिका बहुत धन कमा रहा है। यूक्रेन युद्ध से भी अमेरिका को बहुत लाभ हो रहा है। सभी अरब देशों को हथियार अमेरिका ही बेचता है। पाकिस्तान हथियार के लिए अधिकतर अमेरिका पर आश्रित है। राष्ट्रपति बनने के बाद व्यापारी ट्रम्प ने पूरी दुनिया में हलचल मचाकर दुनिया को संकट में डाल दिया है किन्तु ट्रम्प को इसकी परवाह में नहीं। इन्हें तो परवाह है दुनिया से अधिक से अधिक तेल प्राप्त करने की और फिर उसे ऊंचे दाम पर बेचने की। वेनेजुएला के तेल के लिए ही वहां के राष्ट्रपति को किडनेप कर वहां के अपार तेल भंडार पर कब्जा कर लिया। वेनेजुएला के मामले में ट्रम्प ने दुनिया के सभी सिद्धांतों को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया। उन्हें अमेरिका और स्वयं का स्वार्थ दिखाई देता है। स्वार्थ के लिए उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को किडनेप कर अमेरिका में बंदी बना लिया। किसी ने कुछ बोला भी नहीं। कहां गया संयुक्त राष्ट्र संघ ? रूस और चीन क्यों चुप रहे ? वास्तव में ट्रम्प ने दुनिया में जंगलराज चला रखा है। प्राप्त सूचना के अनुसार ट्रम्प ने पिछले कुछ दिनों में ट्रेडिंग से 800 करोड़ डालर की व्यक्तिगत कमाई की। पिछले 90 दिनों में 3700 सौदे ट्रम्प की कंपनी ने किए। इसमें तेल, हथियार और क्रिप्टो करंसी का व्यवसाय शामिल है। यह व्यापार उन्होंने अपने पुत्र और दामाद के द्वारा किया। सभी जानते है कि राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प ने पाकिस्तान में बेटे और दामाद के द्वारा बड़ा व्यापार प्रारंभ किया है। अपने स्वार्थ के लिए ही ट्रम्प पूरी दुनिया के ठेकेदार बने हुए है। अपने स्वार्थ के कारण ही उन्होंने भारत का पाकिस्तान पर आक्रमण कुछ मिनिट में ही रुकवा दिया। पाकिस्तान पर व्यवसाय के कारण ही उनका विशेष प्रेम है। उनकी कंपनी भारत में भी भवन निर्माण का काम करती है। ट्रम्प केवल धन कमाने की मानसिकता वाले व्यक्ति है। राजनीति उनके लिए केवल धन कमाने का माध्यम ही हैं।

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