

रतलाम । ब्रह्म प्रकट होते है जबकी मानव जन्म लेते है इसलिए हम भगवान प्रकटोत्सव मनाते है । जब भी बोलो मीठा बोलो, हमारे शब्दों में कडवापन नहीं मिठास होना चाहिए । उक्त व्यक्तव्य पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्री शेष नारायण मंदिर भरावा की कुई पर आयोजित सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा के चौथे दिवस भागवताचार्य पं. योगेश्वर शास्त्री ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव के वाचन के अवसर पर कहीं।
आज कथा में मत्स्य अवतार राजा हरिशचन्द्र्र की कथा, वामन अवतार, राजा भागीरथ की कथा, सप्त गंगा के अवतरण की कथा का वृतान्त सुनाया । रघु महाराज की कथा सुनाते हुए कहा कि रघुवंश रघु महाराज के नाम से ही विख्यात हुआ ।
देवकी – वासुदेव की कथा सुनाते हुए उनके विवाह के बाद उनकी आठो संतानों के जन्म का विस्तृत वर्णन किया गया जैसे ही कथा में भगवान श्री कृष्ण जन्म हुआ वैसे ही पूरा पांडाल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों सेगूंज उठा । श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आनंदपूर्वक मनाया गया । संगीतमय भजनों की धुनों पर भक्तजन भाव विभोर होकर नृत्य करने लगे । सजा दो घर आज मेरे सरकार आए है, तू इतना अच्छा है तुझे किसी की नजर ना लगे। यशोदा ने जाया लल्ला नगर में हल्ला भयो रे, कृष्ण जन्म भयो आज बधाई गाओ रे । आया सांवरिया सरकार हसंते- हसंते आदि भजनों पर भक्तजनों ने नृत्य करते हुए अपनी खुशी जाहिर की।
कथा के प्रारम्भ में यजमान द्वारा पोथी पूजन की गई तथा श्री मेढ़ क्षत्रिय मारवाड़ी स्वर्णकार समाज के पदाधिकारियों द्वारा भगवताचार्य योगेश्वर शास्त्री का शॉल श्रीफल से सम्मान किया गया तथा भागवत जी की पूजन की गई ।
इस अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष नवनीत सोनी संस्थापक संरक्षक मोहनलाल मिंडिया मार्गदर्शक भगवतीलाल जलोतिया, अरविंद सोनी,पुर्व अध्यक्ष जगदीश भामा, संजय अग्रोया, राजकुमार बैलाव, अध्यक्ष गजाधर जांगलवा, उपाध्यक्ष दिलीप वर्मा,शैलेष जलोतिया, कोषाध्यक्ष संजय सोलीवाल, सचिव रमेश सोनी (पत्रकार), सहसचिव संतोष कड़ेल, प्रचार प्रमुख अखिलेश सहदेव, महिला मंडल अध्यक्ष, श्रीमती कृष्णा देवी मिंडिया, युवा मंच अध्यक्ष लक्की सदेवडा (भीमा), कार्यकारी सदस्य एवं सहयोग कर्ता राजेश भामा ,संजय मांडन, भूपेंद्र मंडावरा, राजेन्द्र अग्रोया, मुकेश अग्रोया, कपूर सोनी, मोतीलाल मिंडिया, अशोक कड़ेल, हेमंत सारडीवाल, शैलेंद्र सनगट,अनिल कड़ेल, गोपाल खेजलवाड़ आदि सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।