गौ सेवा ही परम धर्म : खेतलपुर गौशाला में श्रद्धा, सेवा और समर्पण का अनुपम उदाहरण

खेतलपुर/रतलाम । सनातन संस्कृति में गौमाता को करुणा, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक माना गया है। इसी भाव को साकार करते हुए रविवार को खेतलपुर गौशाला में गौसेवा का एक प्रेरणादायी एवं पुण्यमय आयोजन संपन्न हुआ। भीषण गर्मी से गौमाताओं को राहत प्रदान करने हेतु प्रवीण एवं हेमलता बिसानी ने बंधन ग्रुप के सहयोग से गौशाला में 2 क्विंटल तरबूज एवं एक गाड़ी हरी घास समर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं गौ-पूजन के साथ हुआ। उपस्थित गौभक्तों ने अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव से अपने हाथों द्वारा गौमाताओं को तरबूज खिलाया तथा हरे चारे का वितरण किया। सेवा और समर्पण के इस भावपूर्ण दृश्य ने सभी के हृदय को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।
इस अवसर पर श्रीमती संतोष राजकुमारी काबरा, श्री गुप्ता जी, श्री राजेंद्र मालपानी, श्रीमती स्वाति मालपानी, श्रीमती मंजू झवर, श्रीमती सुनीता मालपानी, श्रीमती उमा राठी, श्रीमती प्रेमलता मंत्री, श्रीमती हेमलता मालपानी सहित क्षेत्र के अनेक गौभक्त उपस्थित रहे और गौसेवा के इस पुण्य कार्य में सहभागी बने।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि “गौ सेवा केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि आत्मकल्याण और लोककल्याण का श्रेष्ठ माध्यम है। शास्त्रों में गौमाता को समस्त देवताओं का निवास स्थान बताया गया है। गौसेवा से मानव जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।”
उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौसेवा में योगदान दें तथा भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य परंपरा को आगे बढ़ाएं। गौभक्तों के सहयोग से संपन्न यह आयोजन सेवा, संस्कार और सनातन मूल्यों के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।

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