नानी बाई का मायरा कथा में भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त नरसिंह मेहता की भक्ति का भावपूर्ण वर्णन

रतलाम। श्री मैढ़ क्षत्रिय मारवाड़ी स्वर्णकार समाज एवं महिला मंडल द्वारा पवित्र अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के अवसर पर महिषासुर मर्दिनी माताजी मंदिर परिसर में आयोजित पांच दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा महोत्सव के चौथे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।
कथावाचक श्री अनिरुद्ध मुरारी ने अपने ओजस्वी वाणी में भगवान श्रीकृष्ण की अनुपम छवि का वर्णन करते हुए उनके परम भक्त नरसिंह मेहता की अटूट भक्ति का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण के आगे स्वयं भगवान भी भक्त की सहायता के लिए उपस्थित हो जाते हैं। नरसिंह मेहता ने जीवनभर भगवान श्रीकृष्ण पर अटूट विश्वास रखा और हर परिस्थिति में प्रभु का स्मरण किया।
कथावाचक ने बताया कि जब भक्त नरसिंह मेहता की पुत्री नानी बाई के मायरे का अवसर आया और आवश्यक व्यवस्थाओं का कोई साधन नहीं था, तब भगवान श्रीकृष्ण स्वयं अपने भक्त की लाज रखने के लिए विभिन्न रूपों में प्रकट हुए तथा मायरे की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर भक्त की प्रतिष्ठा को अक्षुण्ण रखा। यह प्रसंग भगवान और भक्त के बीच अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है।
कथा के दौरान नरसिंह मेहता की अनन्य भक्ति का मार्मिक वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरा पंडाल भक्ति, श्रद्धा और जयघोषों से गुंजायमान रहा।
आयोजन में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के पश्चात भजन-कीर्तन एवं आरती का आयोजन भी किया गया। यह जानकारी समाज सचिव गोपाल घूपड़ ने दी।

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