आचार्य विजय के नेतृत्व में हजारों छात्र, ग्रामीण और नागरिक उतरेंगे सड़को पर
जावरा। नगर पालिका परिषद जावरा की कार्यप्रणाली के खिलाफ जनाक्रोश अब आंदोलन का रूप लेने लगा है। पिछले एक माह से बंद पड़ी नगर की सार्वजनिक लाइब्रेरी को लेकर विद्यार्थियों में भारी नाराजगी है। इसी मुद्दे को केंद्र में रखकर आगामी 16 जून को नगर पालिका परिषद का विशाल घेराव करने की घोषणा की गई है। आंदोलन में हजारों छात्र, ग्रामीण और आम नागरिक शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आचार्य विजय ने बताया कि नगर पालिका द्वारा लाइब्रेरी बंद किए जाने से प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से चर्चा और मांग के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से छात्रों में निराशा और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल लाइब्रेरी का मामला नहीं है, बल्कि नगर की कई मूलभूत समस्याएं लंबे समय से अनदेखी का शिकार हैं। जनता की समस्याओं को लेकर नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ अब जनशक्ति के माध्यम से आवाज उठाई जाएगी।
16 जून को प्रस्तावित आंदोलन में जावरा शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। आंदोलनकारियों का दावा है कि यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा जनआंदोलन साबित हो सकता है।
आचार्य विजय ने विद्यार्थियों और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
मुख्य मांग : बंद पड़ी लाइब्रेरी को तत्काल शुरू किया जाए तथा नगर की जनसमस्याओं का निराकरण किया जाए।
नगर में प्रस्तावित इस घेराव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सबकी नजरें 16 जून को होने वाले इस बड़े आंदोलन और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।