रतलाम मंडल पर अंतर्राष्ट्रीय समपार जागरूकता दिवस का आयोजन

मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार ने सुरक्षित समपार उपयोग हेतु नागरिकों से की अपील

रतलाम 09 जून। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में 07 जून से 09 जून 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय समपार जागरूकता अभियान तथा 09 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय समपार जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान समपार फाटकों पर सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित आवागमन एवं रेल संरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार समपार फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा सड़क उपयोगकर्ताओं में सुरक्षित व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष जून माह में यह अभियान चलाया जाता है। रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान के दौरान मंडल के विभिन्न समपार फाटकों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के तहत पोस्टर, बैनर, पंपलेट, जनसंपर्क गतिविधियों एवं व्यक्तिगत संवाद के माध्यम से लोगों को समपार फाटक पार करते समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों एवं रेलवे कर्मचारियों ने आसपास के गांवों में जाकर स्थानीय नागरिकों, दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों को समपार फाटकों पर सुरक्षित व्यवहार के नियमों से अवगत कराया। विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी संरक्षा संदेश प्रसारित किए गए।
अंतर्राष्ट्रीय समपार सुरक्षा जागरूकता दिवस के अवसर पर 09 जून 2026 को सिविल डिफेंस एवं संरक्षा विभाग द्वारा रतलाम–गोधरा खंड के समपार क्रमांक 80 पर जागरूकता अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इस दौरान सड़क उपयोगकर्ताओं को समपार फाटक पार करते समय बरती जाने वाली सावधानियों, रेलवे संरक्षा नियमों तथा संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
इसी क्रम में बंजली–सेजावता बाइपास स्थित समपार संख्या 190 पर भी नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (ऑपरेशन) श्री के. एल. मीणा, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री डी. एम. सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार ने कहा कि समपार फाटकों पर अधिकांश दुर्घटनाएं मानवीय भूल एवं असावधानी के कारण होती हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समपार फाटक बंद होने पर किसी भी प्रकार का जोखिम न लें, रेलवे संरक्षा नियमों का पूर्णतः पालन करें तथा ‘दुर्घटना से देर भली’ के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, किंतु जनसहभागिता और जागरूकता के बिना दुर्घटना-मुक्त वातावरण का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।
रेलवे के अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा विभिन्न समपार फाटकों का निरीक्षण कर गेटमैन एवं सड़क उपयोगकर्ताओं को ऊपरी 25 केवी विद्युत लाइन से संबंधित सावधानियों, समपार फाटक बंद रहने के दौरान पालन किए जाने वाले नियमों तथा नियमों की अवहेलना से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही ऑटोमेटिक टाइमर युक्त समपार फाटकों पर लोगों को यह भी बताया गया कि ट्रेन गुजरने के बाद निर्धारित समय पूरा होने पर ही फाटक खोला जाता है, इसलिए अनावश्यक रूप से गेटमैन पर दबाव न बनाएं।
अंतर्राष्ट्रीय समपार जागरूकता अभियान एवं दिवस के दौरान सभी सड़क उपयोगकर्ताओं को “दुर्घटना से देर भली” का संदेश देते हुए रेल संरक्षा नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।

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