- रात तो बजे तक झूमे श्रद्धालु
- बच्चो को धार्मिक संस्कार देना जरूरी

नगर में चल रहे नानी बाई के मायरे के दौरान पंडित जी का बहुमान करते हुए जैन श्री संघ के सदस्य

बड़ावदा (शिरीष सकलेचा)। नगर के माहेश्वरी समाज की महिला मंडल द्बारा पुरुषोत्तम मास में तीन दिवसीय नानी बाई के मायरे का आयोजन किया गया।गुरुवार से आयोजन शुरू हुआ। शनिवार को समापन हुआ। पंडित कृष्ण दास महाराज(कान्हा भगत) के मुखारविन्द से यह आयोजन माहेश्वरी भवन में रात्रि 8 बजे से चला। प्रतिदिन पोथी पूजन श्रद्धालुओं द्वारा किया गया। पंडित जी का जैन समाज की ओर से प्रकाश सकलेचा, सुशील सकलेचा, शिरीष सकलेचा, आयुष चत्तर, विवेक सकलेचा, गोशाला समिति,दर्जी समाज, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेंद्र कुमावत, जिला योजना समिति सदस्य अनिल अवस्थी आदि ने पोथी पूजन कर पंडित जी का स्वागत किया । नानी बाई का मायरा श्रवण करने बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
सकारात्मक सोच से आगे बढ़े
भगत जी ने कहा कि ठाकुर जी पर श्रद्धा रखो। कभी संकट नहीं आएगा। जीवन में सकारात्मक सोच रखिए।
नानी बाई का मायरा समाज को कई संदेश देता है। आपने नरसिंह भगत का दृष्टांत भी सुनाया। आपने प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ धर्म से भी जोड़िए। हिंदू संस्कृति को हमे जीवित रखना है। मातृ शक्ति बच्चो को धार्मिक ज्ञान भी दें। बच्चों को मोबाइल, इंटरनेट से दूर रखे। अन्यथा उनका जीवन पतन की और चला जाएगा।
कथा के दौरान बीच बीच में श्रद्धालुओं ने नृत्य भी किए। अंतिम दिन शनिवार को नानी बाई का मायरा भरा गया।56 भोग भी लगाए। श्रद्धालु मायरे में कई वस्तु लायें। माहेश्वरी भवन का पाण्डाल श्रद्धा भक्ति से सारोबार हो गया।रात दो बजे तक कार्यक्रम चला। पंडित जी ने मायरे में आई राशि को हनुमान गढ़ी पर देने की घोषणा की। संचालन मनोहर तोषनीवाल ने किया।माहेश्वरी महिला मंडल ने सभी का आभार माना।