भोजशाला पहुँचे राजा भोज जनकल्याण सेवा समिति के पदाधिकारियों ने किए माँ वाग्देवी के दर्शन, गोपाल शर्मा का किया सम्मान

रतलाम। कला, साहित्य, संस्कृति, इतिहास एवं पुरातत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली शहर की अग्रणी संस्था राजा भोज जनकल्याण सेवा समिति के पदाधिकारियों ने गत दिवस धार स्थित महाराजा भोज द्वारा स्थापित ऐतिहासिक सरस्वती कण्ठाभरण गुरुकुल (भोजशाला) पहुँचकर माँ वाग्देवी की प्रतिकृति के दर्शन किए तथा सम्राट राजा भोज को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर भोजशाला मुक्ति आंदोलन के वरिष्ठ योद्धा एवं आंदोलन के प्रमुख गोपाल शर्मा का शाल, श्रीफल एवं साफा पहनाकर सम्मान किया गया। समिति ने भोजशाला की गरिमा एवं सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए तीन दशकों से अधिक समय तक उनके समर्पित संघर्ष तथा राष्ट्रधर्म के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान का अभिनंदन किया।
संस्था के राष्ट्रीय महासचिव कुंवर कुलदीपसिंह पँवार (पिपलोदा द्वारकाधीश) ने कहा कि राजा भोज जनकल्याण सेवा समिति समय-समय पर भोजशाला की गरिमा, संरक्षण एवं मुक्ति के लिए सक्रिय भूमिका निभाती रही है। इसी क्रम में संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह पँवार के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रतिनिधिमंडल ने भोजशाला का भ्रमण कर उसके गौरवशाली इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह पँवार ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के उपरांत भोजशाला में माँ वाग्देवी की चौबीसों घंटे नियमित पूजा-अर्चना प्रारंभ होना सम्पूर्ण सनातन समाज के लिए ऐतिहासिक, गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायी उपलब्धि है।
राष्ट्रीय संयोजक ठा. सत्येन्द्रसिंह पँवार (कदवाली) ने भोजशाला मुक्ति आंदोलन में योगदान देने वाले सभी धर्मप्रेमियों, स्वयंसेवकों एवं बलिदानियों का स्मरण करते हुए उनके प्रति संस्था की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर गोपाल शर्मा ने उपस्थित पदाधिकारियों को भोजशाला के गौरवशाली इतिहास, महाराजा भोज द्वारा स्थापित सरस्वती कण्ठाभरण गुरुकुल की ऐतिहासिक महत्ता, भोजशाला मुक्ति आंदोलन के विभिन्न चरणों तथा यहाँ की अद्भुत शिल्पकला एवं ऐतिहासिक धरोहरों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में ठा. जयेन्द्रसिंह मसवाड़िया, ठा. साहब दिलीपसिंहजी बेरछा, ठा. वीरेन्द्रसिंह भुंवासा, ठाकुर भोजराजसिंह कदवाली, कुंवर भूपेन्द्रसिंह कदवाली, कुंवर रविराजसिंह घटगारा, ठा. युवराजसिंह भुंवासा, ठा. भूपेन्द्रसिंहनरेड़ी, ठा. के. पी. सिंह भैंसोला सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में संस्था के पदाधिकारी भूपेन्द्रसिंह पँवार ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग, सहभागिता एवं सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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